गोरखपुर, संवाददाता : Gorakhpur news : उधर, गोरखपुर से जिस व्यक्ति से रकम लेकर राजीव फरेंदा जा रहा था, उसका मोबाइल नंबर बंद है। पुलिस उसके एक सहयोगी को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। आयकर विभाग रुपये की लिखा-पढ़ी वाले दावेदार की तलाश कर उसपर लगने वाले कर को जमा करवाएगा।
रेलवे स्टेशन के पास से पकड़े गए 50 लाख रुपये के मामले में पुलिस और आयकर विभाग की जांच तेज हो गई है। प्रारंभिक जांच में पुलिस को पता चला है कि गोरखपुर से महराजगंज के फरेंदा होते हुए यह बेनामी रकम नेपाल भेजी जानी थी। वहां यह कसीनो के धंधे में खपाई जाती।
यह भी पता चला है कि सिद्धार्थनगर का राजीव जायसवाल दो हजार रुपये कमीशन पर यह रकम फरेंदा में मोबाइल से संपर्क करने वाले आदमी को देता। वहां फरेंदा बाईपास होते हुए सिद्धार्थनगर फिर नेपाल भेज दी जाती। अब जब यह रकम पकड़ ली गई है तो पुलिस इसे राजीव के पैन नंबर पर ही सरकारी खाते में जमा करवा देगी।
उधर, गोरखपुर से जिस व्यक्ति से रकम लेकर राजीव फरेंदा जा रहा था, उसका मोबाइल नंबर बंद है
उधर, गोरखपुर से जिस व्यक्ति से रकम लेकर राजीव फरेंदा जा रहा था, उसका मोबाइल नंबर बंद है। पुलिस उसके एक सहयोगी को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। आयकर विभाग रुपये की लिखा-पढ़ी वाले दावेदार की तलाश कर उसपर लगने वाले कर को जमा करवाएगा।
पुलिस का पूरा फोकस उस सिंडिकेट को तोड़ने का है, जिसके नेटवर्क से रुपये गोरखपुर से होकर फरेंदा भेजे जा रहे थे। सूत्रों के मुताबिक, राजीव के पास से 10 रुपये का आधा नोट (बेनामी धन की गारंटी) भी पुलिस को मिला है। इसी आधार पर पहली नजर में ही ये मामला बेनामी धन का लग रहा है।
जांच में सामने आया है कि इसी नोट को फरेंदा में फोन कर राजीव वहां के दूसरे कैरियर को देता और फिर रकम नेपाल भेज दी जाती। सूत्रों ने बताया कि पुलिसिया और अन्य एजेंसियों की पूछताछ में राजीव ने खुद को सिर्फ कैरियर बताते हुए बैग को गोरखपुर से फरेंदा ले जाकर देने के बदले दो हजार रुपये मिलने की बात बताई है। वहीं, सूत्रों कहना है कि हवाला में रकम के बदल रकम ही दिए जाने का नियम है।
सिद्धार्थनगर में पकड़ा गया था ऐसे ही एक कैरियर
बीते दिनों डीआरआई (राजस्व खुफिया निदेशालय) और केंद्रीय एजेंसियों ने सिद्धार्थनगर बॉर्डर पर अतुल सैनी को गिरफ्तार किया था। अतुल के पास से बरामद रुपयों के अलावा एक डायरी भी मिली थी। डायरी के पन्नों में यूएई से बेनामी धन को भारत में खपाए जाने की जिक्र था।
मोबाइल फोन पर व्हाट्सएप चैट मिला था। इसमें शहर के गोलघर स्थित रियल एस्टेट कारोबारी के साथ भी रुपयों की अदला-बदली का जिक्र किया गया था। एजेंसियों ने इसे बेनामी धन मानकर ही जांच रिपोर्ट तैयार की।
वारंट के बाद आयकर विभाग अपने सुपुर्द कर लेगा रकम
आयकर विभाग के मुताबिक, मामले में अब राजीव को बयान के लिए बुलाया जाएगा। बयान के आधार पर आयकर नियम 132 के तहत वारंट बनेगा। इस वारंट के आधार पर पुलिस के मालखाने में जमा धन को आयकर विभाग के सरकारी खाते में जमा कर दिया जाएगा।
इसके बाद आयकर विभाग में केस ट्रांसफार्मर हो जाएगा और आयकर अधिनियम के तहत मामले की जांच होगी। इसमें अगर राजीव की तरफ से 15 दिनों के भीतर बैंक खाते से रुपये निकाले जाने का प्रमाण दे दिया गया तो आयकर विभाग अपने नियमानुसार कार्रवाई कर टैक्स काटकर रुपये छोड़ देगा।
पुलिस ने रुपये जब्त कर लिए हैं। राजीव के अलावा मामले में एक और नाम सामने आ रहा है। उसके सहयोगी से पूछताछ की जा रही है। रुपये फरेंदा के रास्ते नेपाल भेजे जाने थे। सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। फिलहाल राजीव की तरफ से रुपयों को लेकर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया है:अभिनव त्यागी, एसपी सिटी
