नई दिल्ली, एंटरटेनमेंट डेस्क : सिंगर मुकेश (Mukesh) बॉलीवुड के इतिहास के उस दौर के गायक हैं जिनके बिना संगीत का इतिहास अधूरा है। उन्हें ‘दर्द का बादशाह’ भी कहा जाता है, क्योंकि उनके गाए हुए दर्दभरे नग्में और भावुक गाने सीधा दिल को छूते थे। उनकी आवाज टूटे दिल पर मरहम का काम करती है। मुकेश ने अपने फिल्म करियर में लगभग 1300 गाने गाए। उन्होंने अपना पहला गाना साल (Mukesh Bollywood Songs) 1945 में आई फिल्म ‘पहली नजर’ के लिए ‘दिल जलता है तो जलने दे’ गाया था जो जबरदस्त हिट रहा। इसके अलावा फिल्म आनंद से ‘कहीं दूर जब दिन ढल जाए’ और मेरा नाम जोकर से ‘जीना यहां मरना यहां’ उनके सबसे पॉपुलर गानों में से एक हैं। क्यों उपवास रखते थे मुकेश ? मुकेश की आवाज में इतना दर्द, सादगी और आत्मीयता थी कि श्रोता सीधे उनके गीत से जुड़ जाते थे। लेकिन ये बात बहुत कम लोग जानते हैं कि मुकेश रिकॉर्डिंग को लेकर बेहद अनुशासित और गंभीर थे। अपनी हर रिकॉर्डिंग से पहले वो एक तरीके का उपवास रखते थे। ऐसा कई जगह दर्ज है कि मुकेश रिकॉर्डिंग्स से पहले हल्का भोजन करते थे या कभी-कभी उपवास जैसा अनुशासन अपनाते थे। उनका मानना था कि भारी भोजन करने से गले और आवाज पर असर पड़ सकता है। वे चाहते थे कि रिकॉर्डिंग के समय उनकी आवाज पूरी तरह साफ, भावपूर्ण और कंट्रोल में रहे। क्या थी इसके पीछे की वजह ? इसकी वजह ये थी कि मुकेश हर एक गाने के पहले खुद को मानसिक रूप से तैयार करते थे क्योंकि वो इसे कोई पेशा नहीं बल्कि साधना मानते थे। उपवास रखने के पीछे का मुख्य कारण गाने की गुणवत्ता को बनाए रखना था और मुकेश काफी हद तक इसमें सफल भी हुए। उनकी यही लगन और समर्पण उन्हें भारतीय सिनेमा के महानतम गायकों में शामिल करती है। Post navigation आगामी माह में श्रीलंका से भिड़ेगी टीम इंडिया, BCCI ने शेयर किया शेड्यूल UP : आज 44 जिलों में गरज चमक के साथ होगी बारिश