संभल. संवाददाता : UP News : थाना रजपुरा क्षेत्र में वर्ष 2018 में सामूहिक दुष्कर्म कर महिला को जिंदा फूंकने के बहुचर्चित मामले में न्यायालय ने 17 दिसंबर को चार अभियुक्तों को दोषी करार दिया था। एक बाल अपचारी की पत्रावली किशोर न्यायालय में अलग से विचाराधीन है। शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट)/अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अवधेश कुमार सिंह ने चारों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही सभी पर एक-एक लाख रुपये का जर्माना भी लगाया है। सजा सुनाए जाने के बाद चारों दोषियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। घटना रजपुरा क्षेत्र के एक गांव में 13 जुलाई 2018 की रात करीब ढाई बजे हुई थी यह घटना तहसील गुन्नौर के रजपुरा क्षेत्र के एक गांव में 13 जुलाई 2018 की रात करीब ढाई बजे हुई थी। पीड़िता के पति ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि वह मजदूरी के लिए गाजियाबाद गया हुआ था, जबकि घर पर उनकी पत्नी और सात वर्षीय बेटी मौजूद थीं। परिवार के अन्य सदस्य उसके घर से 500 मीटर की दूरी पर रहते हैं। उसी रात आराम सिंह, महावीर, गुल्लू उर्फ जयवीर, भोना उर्फ कुंवरपाल और एक नाबालिग घर में घुस आए और बेटी के सामने ही महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। आरोपितों के जाने के बाद पीड़िता ने डायल 112 और अपने पति को फोन लगाने की कोशिश की पर, किसी से बात नहीं हो पाई। इसके बाद उसने अपने ममेरे भाई को काल कर पूरी घटना की जानकारी दी। हालांकि, इससे पहले कि मदद पहुंच पाती, लेकिन, आरोपित दोबारा मौके पर आ गए। उन्होंने महिला को घर से लगभग 20 मीटर दूर स्थित मंदिर की हवनकुंड की झोपड़ी में ले जाकर बंद कर दिया और उसमें आग लगाकर जिंदा जला दिया था। जब परिवार के लोग मौके पर पहुंचे तो घर पर सात वर्षीय बच्ची रोते-रोते सो गई थी, जबकि महिला गायब थी। आसपास तलाश करने पर मंदिर की झोपड़ी में आग जलती हुई मिली थी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने दुष्कर्म सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र दाखिल किया था। सुनवाई विशेष न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट) / अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में हुई मुकदमे की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट) / अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अवधेश कुमार सिंह के न्यायालय में हुई। इससे पूर्व इस मामले का विचारण फास्ट ट्रैक कोर्ट संभल में भी हुआ था। एडीजीसी हरिओम प्रकाश उर्फ हरीश सैनी के अनुसार 17 दिसंबर को न्यायालय ने अभियुक्त आराम सिंह, भोना उर्फ कुमरपाल, गुल्लू उर्फ जयवीर और महावीर को धारा 147, 148, 376डी, 302, 149, 201 व 34 आइपीसी के अंतर्गत दोषी करार दिया है। मामले में शुक्रवार को कोर्ट ने सजा सुनाई है। यह घटना तहसील गुन्नौर के रजपुरा क्षेत्र के एक गांव में 13 जुलाई 2018 की रात करीब ढाई बजे हुई थी। पीड़िता के पति ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि वह मजदूरी के लिए गाजियाबाद गया हुआ था, जबकि घर पर उनकी पत्नी और सात वर्षीय बेटी मौजूद थीं। परिवार के अन्य सदस्य उसके घर से 500 मीटर की दूरी पर रहते हैं। उसी रात आराम सिंह, महावीर, गुल्लू उर्फ जयवीर, भोना उर्फ कुंवरपाल और एक नाबालिग घर में घुस आए और बेटी के सामने ही महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। आरोपितों के जाने के बाद पीड़िता ने डायल 112 और अपने पति को फोन लगाने की कोशिश की पर, किसी से बात नहीं हो पाई। उसने अपने ममेरे भाई को काल कर पूरी घटना की जानकारी दी इसके बाद उसने अपने ममेरे भाई को काल कर पूरी घटना की जानकारी दी। हालांकि, इससे पहले कि मदद पहुंच पाती, लेकिन, आरोपित दोबारा मौके पर आ गए। उन्होंने महिला को घर से लगभग 20 मीटर दूर स्थित मंदिर की हवनकुंड की झोपड़ी में ले जाकर बंद कर दिया और उसमें आग लगाकर जिंदा जला दिया था। जब परिवार के लोग मौके पर पहुंचे तो घर पर सात वर्षीय बच्ची रोते-रोते सो गई थी, जबकि महिला गायब थी। आसपास तलाश करने पर मंदिर की झोपड़ी में आग जलती हुई मिली थी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने दुष्कर्म सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र दाखिल किया था। मुकदमे की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट) / अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अवधेश कुमार सिंह के न्यायालय में हुई। इससे पूर्व इस मामले का विचारण फास्ट ट्रैक कोर्ट संभल में भी हुआ था। Post navigation Nagpur : प्लांट में पानी की टंकी फटने से 3 मजदूरों की मौत और 8 घायल UP : कोहरे और गलन से जन-जीवन अस्त-व्यस्त, IMD ने जारी किया अलर्ट