नई दिल्ली, न्यूज़ डेस्क : Gas Crisis : पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों के बीच सरकार ने साफ कर दिया है कि देश में रसोई गैस (LPG) की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति पूरी तरह स्थिर हो चुकी है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, देश में घरेलू एलपीजी उत्पादन में पिछले एक सप्ताह में लगभग 10% की बढ़ोतरी की गई है।
ईरान युद्ध के कारण भारत में LPG की कमी की आशंका बढ़ी
ईरान युद्ध के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़े असर से भारत में LPG की कमी की आशंका बढ़ी है। होर्मुज स्ट्रेट से तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित होने के चलते देश भर में उपभोक्ताओं में घबराहट फैल गई थी। कालाबाजारी के दावों के बीच सरकार ने रिफाइनरियों को LPG उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दिया है। साथ ही, घरेलू सिलेंडरों की बुकिंग के लिए न्यूनतम प्रतीक्षा अवधि को 21 से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है, ताकि जमाखोरी रोकी जा सके।
भारत में घरेलू रिफाइनरियां 100% क्षमता पर काम कर रही हैं, जिससे पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति में कोई कमी नहीं आएगी। आने वाले दिनों में अलग-अलग स्रोतों से LPG और LNG की खेपें पहुंचने की उम्मीद है। इससे वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की अस्थिरता के बावजूद भारत बेहतर स्थिति में है।
दूसरे मार्गों से हो रही 70% आपूर्ति
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कोई संकट की स्थिति नहीं है और LPG की आपूर्ति पर्याप्त है। घरेलू उत्पादन बढ़ने से रिफाइनरी उत्पादों के निर्यात पर भी कोई असर नहीं पड़ा है। भारत में अब 70% आपूर्ति होर्मुज स्ट्रेट को दरकिनार करते दूसरे मार्गों से हो रही है। पहले यह हिस्सा 55-60% के आसपास था।
