GAZA-SEASEFIRE

यरुशलम, रॉयटर्स : युद्ध रोकने के अंतरराष्ट्रीय दबाव को इजरायल ने नकार दिया है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि गाजा में हमास के खिलाफ सैन्य अभियान निरंतर चलता रहेगा। नेतन्याहू का यह बयान बंधकों की रिहाई के लिए हमास की स्थायी युद्धविराम की मांग के बीच आया है। जबकि गाजा में राहत कार्य में लगी एजेंसियों ने आने वाले समय में वहां पर बड़ी संख्या में लोगों के भूख से मरने की आशंका व्यक्त की है।

मंत्रिमंडल की बैठक में नेतन्याहू ने कहा, इजरायली सेना कुछ दिनों में रफाह के भीतर प्रवेश करके कार्रवाई करेगी। अमेरिका और अन्य सहयोगी देशों ने रफाह में कार्रवाई न करने के अनुरोध के बावजूद इजरायली प्रधानमंत्री ने यह बात बोली है।

क्या दुनिया सात अक्टूबर के हमास के हमले को भूल गई ?

उन्होंने कहा, क्या क्या दुनिया सात अक्टूबर, 2023 के हमास के हमले को भूल गया ? वह द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद यहूदियों पर किया गया सबसे बड़ा हमला था। क्या इजरायल को हमास के दानवों से अपनी सुरक्षा का अधिकार नहीं है?

सहयोगी देश दुराग्रहपूर्ण रवैया प्रदर्शित कर रहे
नेतन्याहू ने कहा, रफाह से नागरिकों को निकालकर वहां छिपे आतंकियों को पकड़ा जाएगा, लेकिन इस मसले पर सहयोगी देश दुराग्रहपूर्ण रवैया दिखा रहे हैं। जैसा की ज्ञात है क़ि हो कि रफाह मिस्त्र सीमा पर स्थित गाजा का छोटा सा शहर है जहां पर इस समय करीब 14 लाख बेघर लोगों ने शरण ले रखी हैं।

गाजा के कई क्षेत्रों इलाकों में खाद्य सामग्री का संकट
गाजा के कई क्षेत्रों में खाद्य सामग्री का संकट है। वहां पर अमेरिका और जार्डन के विमान खाद्य सामग्री गिरा रहे हैं। 200 टन राहत सामग्री लेकर यूरोप से एक जहाज भी गाजा पंहुचा है। जार्डन पहुंचे जर्मनी के चांसलर ओलफ शुल्ज ने कहा है कि इजरायली सेना अगर रफाह में कार्रवाई करती है तो वह स्थिति क्षेत्रीय शांति के लिए बेहद खतरनाक होगी। शुल्ज इजरायल की यात्रा भी करेंगे।