गाजियाबाद, संवाददाता : जिले में रसोई गैस सिलेंडर की आपूर्ति को लेकर पहले 21 दिन के समयांतराल का समय निर्धारित किया गया, उसे बढ़ाकर अब 25 दिन कर दिया गया है।
सोमवार को सभी तरह के कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति रोक दी गई है। इससे स्थिति थोड़ी बिगड़ी, क्योंकि गाजियाबाद में बड़ी संख्या में कॉलेज हैं और छात्रावास हैं। यहां पर कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति की जाती है, जिससे कि विद्यार्थियों को भोजन मिल सके।
इसके अलावा अस्पतालों और जेल में भी कामर्शियल गैस सिलेंडर का इस्तेमाल किया जाता है। यदि न स्थानों पर गैस सिलेंडर नही पहुंचता तो स्थिति बिगड़ने का खतरा था।
इस वजह से प्रशासन ने मंगलवार को ही शैक्षिक संस्थानों, अस्पतालों और जेल में कामर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति को जारी रखने का आदेश जारी कर दिया है। इससे लोगों को राहत मिली है। होटल और रेस्तरां में कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति पर रोक जारी है। अभी जिन लोगों के पास स्टॉक में सिलेंडर हैं, वह उसका इस्तेमाल कर रहे हैं और उम्मीद जता रहे हैं कि जल्द ही स्थिति सामान्य होगी।
बिना बुकिंग के एजेंसी पर पहुंचे लोग
कुछ गैस एजेंसियों पर लोग सोमवार और मंगलवार को बिना बुकिंग कराए ही गैस सिलेंडर लेने के लिए पहुंचे, जिससे लाइन भी लगी रही। लेकिन गैस एजेंसी संचालकों ने उनका समझाकर वापस भेजा कि बिना वजह भीड़ न करें न ही पैनिक क्रिएट करें। यदि किसी के घर में गैस सिलेंडर खाना बनाने के लिए उपलब्ध नही है तो उसको प्राथमिकता पर रसोई गैस दी जाएगी।
क्या बोले अधिकारी ?
जिला पूर्ति अधिकारी अमित तिवारी ने सभी से संयम बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा – यदि किसी व्यक्ति को समस्या है तो वह जिला पूर्ति कार्यालय में आकर संपर्क कर सकता है, उसकी मदद की जाएगी।
गैस एजेंसी संचालको का कहना है –
शादियों में भी कामर्शियल गैस सिलेंडर की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे में लोगों को पहले से स्टॉक में जमा सिलेंडर की उनकी जरूरत के हिसाब से दिए जा रहे हैं। कालाबाजारी न होने पाए, इसका विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
इसी तरह से पेट्रोल पंप पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है। कुछ लोग पेट्रोल और डीजल की जमाखोरी करने के लिए खुले में पेट्रोल और डीजल की खरीद करने पम्प पर पहुंचे तो उनका वापस लौटा दिया गया है।
जिला प्रशासन कि ओर से निर्देश दिए गए हैं –
खुले में पेट्रोल और डीजल की बिक्री बिल्कुल न कि जाए। यदि कोई व्यक्ति बार-बार अपने वाहन की टंकी फुल कराने पहुंचे तो उसकी जानकारी पेट्रोल पंप संचालक जिला प्रशासन को दें।
आशंका है कि लोग वाहन में पेट्रोल भरवाने के बाद उसे बाहर निकालकर जमा न कर लें, इससे डिमांड बढ़ जाएगी और आपूर्ति में दिक्कत होगी, इसलिए यह निर्णय लिया गया है। फिलहाल गाजियाबाद में पैनिक की स्थिति नही है न ही कहीं पर पेट्रोल , डीजल या रसोई गैस के लिए लंबी लाइन लग रही है। होटल और रेस्तरां भी खुले हुए हैं।
