नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शनिवार को कहा कि गाजा और मिस्र के बीच राफा बॉर्डर क्रॉसिंग अगले आदेश तक बंद रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि इसे फिर से खोलना इस बात पर निर्भर करेगा कि हमास मरे हुए बंधकों के शव सौंपता है या नहीं। नेतन्याहू का यह बयान मिस्र में फलस्तीनी दूतावास के यह ऐलान करने के तुरंत बाद आया कि राफा क्रॉसिंग सोमवार को गाजा में एंट्री के लिए फिर से खुल जाएगा। ये गाजा के लोगों के लिए इलाके से निकलने और अंदर आने का मुख्य रास्ता है। हमास ने क्या कहा ? हमास ने शनिवार देर रात एक बयान में कहा कि नेतन्याहू का फैसला “सीजफायर समझौते का खुला उल्लंघन है और बिचौलियों और गारंटर पार्टियों से किए गए उनके वादों को नकारता है।” इसमें यह भी कहा गया कि राफा क्रॉसिंग के लगातार बंद रहने से मलबे के नीचे और बंधकों की लाशों को ढूंढने के लिए जरूरी सामान अंदर नहीं जा पाएगा और इस तरह लाशों को निकालने और उन्हें सौंपने में देरी होगी। इजरायल ने क्या कहा ? इजरायल ने कहा कि उसे शनिवार देर रात दो और बंधकों की लाशें मिलीं, जिसका मतलब है कि पिछले हफ्ते इजरायल और हमास के बीच हुए अमेरिका की मध्यस्थता वाले सीजफायर और बंधक डील के तहत 28 में से 12 लाशें इजरायल को सौंप दी गई हैं। इजरायल का कहना है कि हमास लाशें लौटाने में बहुत धीमा है। लाशों की वापसी पर विवाद सीजफायर की कमजोरी को दिखाता है और इसमें अभी भी डील के साथ-साथ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के युद्ध खत्म करने के 20-पॉइंट प्लान में शामिल दूसरे बड़े मुद्दों को बिगाड़ने की क्षमता है। लेकिन इजरायल का कहना है कि हमास ने मरे हुए बंधकों की लाशें सौंपने में बहुत देर की है, जो अभी भी उसके पास हैं। तो वहीं हमास का कहना है कि गाजा में भारी तबाही के बीच कुछ लाशों को ढूंढने में समय लगेगा। इस डील के तहत इजरायल को मरे हुए बंधकों के बदले फलस्तीनियों की 360 लाशें लौटानी हैं और अब तक उसने हर इजरायली लाश के बदले में 15 लाशें सौंपी हैं। राफा मई 2024 से ज्यादातर बंद है। Post navigation पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच संघर्ष को सुलझाने में लगे ट्रंप 11 जिलों तक सिमटा माओवाद – पीएम मोदी