बिलासपुर , संवाददाता : छात्राओं से छेड़छाड़ के दोषी शिक्षक की अपील को खारिज करते हुए हाईकोर्ट ने पॉक्सो एक्ट के तहत उसकी सजा को बरकरार रखा है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने निचली अदालत के फैसले की पुष्टि करते हुए कहा कि एक शिक्षक का पद विश्वास और जिम्मेदारी का होता है। शिक्षक का छात्राओं के साथ छेड़छाड़ करना सिर्फ पेशेवर कदाचार नहीं बल्कि गंभीर अपराध भी है।
कोर्ट ने इस मामले में नाबालिग पीड़ितों की गवाही मामले को सुसंगत और विश्वसनीय पाया। शिक्षक कीर्ति कुमार शर्मा को पॉक्सो एक्ट के तहत अपराधों के लिए दोषी ठहराया गया था। उसे दो साल, एक महीने, छह दिन के कारावास और 2500 रुपये जुर्माने की सजा निचली अदालत ने सुनाई थी। उल्लेखनीय है कि अपीलकर्ता पहले ही जेल की सजा काट चुका है और जुर्माना राशि जमा कर चुका है।
शिकायत पर कराई गई थी जांच
बरेला मुंगेली निवासी शिक्षक कीर्ति कुमार शर्मा की शासकीय मिडिल स्कूल में शिक्षक के पद पर नियुक्ति गणित एवं अंग्रेजी पढ़ाने के लिए हुई थी। इसके बावजूद वह बिना अधिकार के 7वीं कक्षा में विज्ञान पढ़ाता था। पढ़ाने के दौरान वह छात्राओं को बेड टच कर अभद्र टिप्पणी करता था। शिकायत मिलने पर जिला शिक्षा अधिकारी ने ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को जांच करने का आदेश दिया था।