प्रयागराज, संवाददाता : थाना करेली निवासी भावापुर प्रदीप कुशवाहा ने विपछि पुरुषोत्तम लाल विष्वकर्मा निवासी जैतवार डीह थाना थरवई के खिलाफ साढ़े सात लाख रुपये लेकर फर्जी नियुक्ति पत्र दिए जाने के आरोप में मुकदमा थाना थरवई प्रयागराज में पंजीकृत कराया था। विपक्षी ने झूठे बयान व फर्जीशपथ पत्र देकर कोर्ट को गुमराह कर हाइकोर्ट से जमानत 9 नम्बर 2023 में करा लिया था।याची प्रदीप कुशवाहा को पता चलने पर जमानत याचिका निरस्त किये जाने हेतु याचिका दाखिल किया। याची की ओर से अधिवक्ता सुनील चौधरी ने माननीय न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल को बताया कि विपक्षी ने याची को शेरवानी जूनियर हाई स्कूल,बेरावा,अटरामपुर,प्रयागराज में प्राईमरी सहायक अध्यापक के पद पर नौकरी दिलाने के नाम पर साढ़े सात लाख रुपए लेकर फर्जी नियुक्ति पत्र दिया गया था। जिस पर याची के द्वारा मुकदमा पंजीकृत करवाने पर विपक्षी जेल चला गया। विपक्षी ने अपनी जमानत याचिका में हाईकोर्ट में यह कहते हुए फर्जी शपथ पत्र देकर जमानत करा लिया कि याची को पूरे पैसे उसके खाते में दे दिए गए हैं जबकि यांची को कोई भी पैसा उसके खाते में नहीं मिला ।याची के अधिवक्ता ने बताया कि विपक्षी फर्जी वाडा करने का आदतन अपराधी है एक दर्जन से ज्यादा मुकदमे फर्जीवाड़ा के दर्ज हैं। याची को विपक्षी के पुत्र अवकाश विश्वकर्मा ने मुकदमा वापस लेने की धमकी भी दिया। Post navigation जम्मू कश्मीर : पूर्व एमएलसी डॉ. शहनाज गनई भाजपा में हुईं शामिल इजरायल और हमास के बीच युद्धविराम के प्रयास में जुटा अमेरिका