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नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को यह जानकारी दी है। मीडिया ब्रीफिंग में उन्होंने कहा, ‘आज की स्थिति के अनुसार, भारतीय झंडे वाले 10 जहाज अभी भी फारस की खाड़ी क्षेत्र में हैं। इसके अलावा, हाल ही में दो और जहाज वहां पहुंचे हैं।’

11 भारतीय जहाज होर्मुज से निकले

रणधीर जायसवाल ने बताया, ’17 जून को अमेरिका-ईरान के बीच MoU पर हस्ताक्षर होने के बाद से, भारत आने वाले 11 जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरे हैं।’

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने आगे बताया, इन जहाजों में भारतीय झंडे वाले तीन कच्चे तेल के टैंकर (हर एक में 2,85,000 MT से ज्यादा कच्चा तेल), विदेशी झंडे वाला एक LPG कैरियर, विदेशी झंडे वाला कच्चे तेल का एक टैंकर और विदेशी झंडे वाले छह बल्क कैरियर (जिनमें खाद का कार्गो लदा है) शामिल हैं।’

रणधीर जायसवाल ने आगे कहा, ‘हमें उम्मीद है कि भारतीय झंडे वाले बाकी जहाज भी जल्द ही होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर सकेंगे।’

60 दिन के सीजफायर के बाद खुला होर्मुज

अमेरिका-ईरान के बीच 60 दिनों के सीजफायर का समझौता हुआ है। इस समझौते के तहत दोनों देशों के बीच होर्मुज को पहले की तरह खोलने पर सहमति बनी है। एक तरफ जहां अमेरिका ने होर्मुज से नाकाबंदी हटाने का फैसला लिया, वहीं ईरान भी होर्मुज खोलने के लिए मान गया।

अमेरिका-ईरान के युद्ध के केंद्र में होर्मुज जलडमरूमध्य आ गया। ये वही जलमार्ग है, जहां से दुनियाभर में सप्लाई होने वाले तेल का 20 फीसदी हिस्सा गुजरता है। अमेरिका-ईरान के बीच समझौता होने के बाद से होर्मुज को दोबारा खोल दिया गया है।