नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच, होर्मुज स्ट्रेट को पार करते समय यमन जा रहा एक मालवाहक जहाज “क्रॉसफायर” की चपेट में आ गया। इसमें द्वारका के रहने वाले भारतीय क्रू सदस्य अल्ताफ तालाब केर की मौत हो गई।
समुद्र के बीच में हुई अंधाधुंध फायरिंग में जहाज को नुकसान पहुंचा और वह डूबने लगा। इस घटना में सलाया का एक युवक जो इंजन रूम में ड्यूटी पर था गंभीर चोटों के कारण मारा गया।
कॉस फायरिंग की चपेट में आया जहाज
इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार, ‘MSV अल फायज नूर सुलेमानी-1’ नाम का जहाज दुबई से सामान लेकर यमन की ओर जा रहा था। इसी दौरान, जहाज समुद्र में ईरान और अमेरिका के बीच हो रही क्रॉस-फायरिंग की चपेट में आ गया। फायरिंग के कारण जहाज में बड़े-बड़े छेद हो गए और वह डूबने लगा।
जब फायरिंग हुई, तब सलाया का अल्ताफ केर इंजन रूम में मौजूद था। इस घटना में सलाया के मूल निवासी अल्ताफ तालाब केर गंभीर चोटों के कारण मारा गया। वहीं, जहाज पर सवार अन्य 17 नाविकों को पास से गुजर रहे एक दूसरे जहाज ने समय रहते बचा लिया। ये सभी नाविक अब दुबई के सुरक्षित बंदरगाह पर पहुंच चुके हैं।
भारत सरकार से किया अनुरोध
इस घटना के संबंध में, इंडियन सेलिंग वेसल्स एसोसिएशन के सचिव आदम भैया ने एक ई-मेल के जरिए भारत सरकार से एक तत्काल अनुरोध किया है। उन्होंने मांग की है कि मृतक अल्ताफ केर के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द उनके पैतृक स्थान सलाया लाने की व्यवस्था की जाए।
दुबई पहुंचे बाकी 17 भारतीय नाविकों को भी तुरंत भारत वापस लाया जाना चाहिए। मृत्यु प्रमाण पत्र सहित आवश्यक कानूनी कागजी कार्रवाई जल्द से जल्द पूरी की जानी चाहिए। इस घटना से सलाया के नाविक समुदाय और मृतक के परिवार में शोक की लहर दौड़ गई है।
