रिपब्लिक समाचार, स्पोर्ट्स डेस्क : भारतीय मुक्केबाज़ी के लिए एक ऐतिहासिक क्षण सामने आया है। इंडियन एमेच्योर बॉक्सिंग फेडरेशन (IABF) को इंटरनेशनल बॉक्सिंग एसोसिएशन (IBA) की पूर्ण सदस्यता प्रदान कर दी गई है। यह महत्वपूर्ण निर्णय आईबीए के निदेशक मंडल ने 6 फरवरी 2026 को अपनी बोर्ड बैठक में लिया, जिसकी औपचारिक सूचना 9 फ़रवरी 2026 को स्विट्ज़रलैंड के लॉज़ेन से जारी पत्र के माध्यम से दी गई।
आईबीए के अध्यक्ष उमर क्रेमलेव ने आईएबीएफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राकेश मिश्र को संबोधित करते हुए इस उपलब्धि पर बधाई दी। उन्होंने अपने पत्र में कहा कि मुक्केबाज़ी खेल के प्रति आईएबीएफ की प्रतिबद्धता, पारदर्शी कार्यप्रणाली और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप संगठनात्मक ढांचे को देखते हुए यह मान्यता प्रदान की गई है। आईबीए अध्यक्ष ने कहा कि आईएबीएफ का आईबीए परिवार में शामिल होना संगठन के लिए भी गर्व का विषय है और इससे वैश्विक स्तर पर मुक्केबाज़ी के विकास को नई गति मिलेगी।
IBAने IABF को आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए आमंत्रित भी किया
आईबीए ने आईएबीएफ को आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं और आयोजनों में भाग लेने के लिए औपचारिक रूप से आमंत्रित भी किया है। आईबीए का मानना है कि भारतीय मुक्केबाज़ों की सक्रिय भागीदारी से वैश्विक मुक्केबाज़ी समुदाय और अधिक सशक्त होगा तथा दोनों संगठनों के बीच दीर्घकालिक और सार्थक सहयोग की संभावनाएं मजबूत होंगी।
आईएबीएफ को मिली इस पूर्ण सदस्यता को भारतीय मुक्केबाज़ी के लिए एक स्वर्णिम अवसर के रूप में देखा जा रहा है। इससे भारतीय एमेच्योर बॉक्सिंग फेडरेशन को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अधिक अधिकार, अवसर और पहचान मिलेगी। साथ ही देश के उभरते मुक्केबाज़ों को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी, उन्नत प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग और वैश्विक अनुभव प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त होगा।
इस उपलब्धि को आईएबीएफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राकेश मिश्र के नेतृत्व, दूरदर्शी सोच और संगठित प्रयासों का परिणाम माना जा रहा है। खेल जगत से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि यह मान्यता भारतीय मुक्केबाज़ी के भविष्य को नई ऊँचाइयों तक ले जाने में मील का पत्थर साबित होगी।
डॉ. राकेश मिश्र ने IBA के प्रति आभार व्यक्त किया
इस अवसर पर डॉ. राकेश मिश्र ने कहा कि आईबीए की पूर्ण सदस्यता भारतीय बॉक्सिंग के इतिहास में एक नए अध्याय की शुरुआत है। उन्होंने इंटरनेशनल बॉक्सिंग एसोसिएशन के निदेशक मंडल और सदस्य देशों के प्रति आभार व्यक्त किया। डॉ. मिश्र ने कहा कि यह सदस्यता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप भारतीय मुक्केबाज़ों को अंतरराष्ट्रीय मंच, विशेषकर ओलंपिक खेलों में, अधिक अवसर उपलब्ध कराने में निर्णायक भूमिका निभाएगी।
उन्होंने बताया कि आईएबीएफ अब जमीनी स्तर से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें व्यवस्थित और आधुनिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराएगा, ताकि आने वाले ओलंपिक खेलों के लिए सक्षम और प्रतिस्पर्धी खिलाड़ी तैयार किए जा सकें। साथ ही यह सदस्यता पिछले कुछ वर्षों से भारतीय मुक्केबाज़ी में आई गिरावट को सुधारने का एक अहम अवसर भी है।
वहीं आईएबीएफ के महासचिव राकेश ठाकरान ने इस उपलब्धि पर देशभर की सभी राज्य स्तरीय बॉक्सिंग एसोसिएशनों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सफलता सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने आह्वान किया कि भारत सरकार के खेल एवं युवा मामलों के मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया के मार्गदर्शन में सभी संबंधित संस्थाएं संगठित और प्रतिबद्ध होकर कार्य करें, ताकि भारतीय मुक्केबाज़ों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर बेहतर अवसर मिल सकें और देश में मुक्केबाज़ी खेल का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।
