IEA चीफ बोले – ‘जरूरत पड़ने पर और तेल रिजर्व जारी करने को तैयार’

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नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : पश्चिम एशिया संकट के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में बढ़ती अनिश्चितता के बीच अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (International Energy Agency (IEA) ने संकेत दिया है कि जरूरत पड़ने पर वह अपने अतिरिक्त तेल भंडार जारी करने के लिए तैयार है।

आईईए के प्रमुख (कार्यकारी निदेशक) फातिह बिरोल ने आज बुधवार को टोक्यो में जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची के साथ बैठक के बाद कहा कि एजेंसी वैश्विक सप्लाई में संभावित कमी से निपटने के लिए हर संभव कदम उठाने को तैयार है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि दूसरी इमरजेंसी ऑयल रिलीज की तैयारी रखी जा रही है।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब होर्मुज जलडमरूमध्य में शिपिंग को लेकर अनिश्चितता बढ़ी हुई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा कीमतों पर दबाव बना हुआ है और लंबी अवधि की सप्लाई बाधित होने की आशंका गहरा रही है।

जापान करीब 95 प्रतिशत तेल आयात के लिए मध्य पूर्व पर निर्भर

जापान, जो अपने करीब 95 प्रतिशत तेल आयात के लिए मध्य पूर्व पर निर्भर है, पहले ही एहतियाती कदम उठा चुका है। सरकार ने निजी क्षेत्र के भंडार से लगभग 15 दिनों की आपूर्ति जारी करना शुरू कर दिया है और 26 मार्च से सरकारी भंडार के उपयोग की योजना है। वहीं प्रधानमंत्री ताकाइची ने यह भी कहा कि मार्च 2026 के अंत तक सऊदी अरब, यूएई और कुवैत के साथ संयुक्त भंडार से भी तेल जारी किया जा सकता है। सामान्य परिस्थितियों में इन भंडारों का उपयोग व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए होता है, लेकिन आपात स्थिति में ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए घरेलू कंपनियों को प्राथमिकता दी जाती है।

आईईए इससे पहले ही इस महीने 400 मिलियन बैरल तेल जारी करने की घोषणा कर चुका है, जो उसके इतिहास की सबसे बड़ी रिलीज में से एक है। बिरोल ने कहा कि एजेंसी के पास अभी भी लगभग 80 प्रतिशत भंडार सुरक्षित है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि दुनिया इस समय गंभीर ऊर्जा सुरक्षा चुनौती का सामना कर रही है।

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