नई दिल्ली, न्यूज़ डेस्क : भारतीय नौसेना का ऑफशोर पेट्रोलिंग पोत आईएनएस सुनयना 21 अप्रैल 2026 को जकार्ता पहुंचा। यह तैनाती आईओएस सागर पहल के तहत हो रही है, जो हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की सक्रिय भूमिका को दर्शाती है।
आईएनएस सुनयना का यह आगमन इसके मौजूदा ऑपरेशन के दौरान तीसरे बंदरगाह पर ठहराव है। जहाज पर 16 मित्र देशों के बहुराष्ट्रीय दल सवार हैं, जो क्षेत्रीय सहयोग और समन्वय का प्रतीक है।
रणनीतिक जलडमरूमध्य को किया पार
जकार्ता पहुंचने से पहले पोत ने मलक्का जलडमरूमध्य और सिंगापुर जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों को पार किया, जो उच्च स्तर की नौवहन क्षमता और अंतरसंचालनीयता को दर्शाता है।
‘महासागर’ विजन की व्यावहारिक झलक
आईओएस सागर पहल भारत के महासागर विजन (क्षेत्रीय सुरक्षा और विकास) की व्यावहारिक अभिव्यक्ति है। यह “साझेदारी के माध्यम से नेतृत्व, एकता के माध्यम से शक्ति और शांति के माध्यम से प्रगति” के सिद्धांत पर आधारित है।
इंडोनेशियाई नौसेना के साथ संयुक्त गतिविधियां
जकार्ता प्रवास के दौरान, आईएनएस सुनयना इंडोनेशियाई नौसेना के साथ पेशेवर, सामाजिक और खेल गतिविधियों में भाग लेगा। इसमें संयुक्त योग सत्र, खेल आयोजन, पेशेवर आदान-प्रदान और डेक पर स्वागत समारोह शामिल हैं।
पैसेज एक्सरसाइज भी होगी आयोजित
पोत के प्रस्थान के समय भारतीय और इंडोनेशियाई नौसेना के बीच एक पैसेज एक्सरसाइज (PASSEX) भी आयोजित की जाएगी, जिससे दोनों देशों के बीच समुद्री समन्वय और मजबूत होगा।
‘पड़ोसी प्रथम’ नीति को मिला बढ़ावा
यह पहल भारत की ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में एक स्वतंत्र, खुला और समावेशी दृष्टिकोण को मजबूत करती है। इसके जरिए क्षेत्रीय साझेदारी और सामूहिक सुरक्षा को बढ़ावा मिल रहा है।
