नई दिल्ली, वर्ल्ड डेस्क : ईरान हाल के वर्षों में सबसे भीषण विरोध प्रदर्शनों का सामना कर रहा है। दिसम्बर के आखिर में शुरू हुए प्रदर्शन ईरान के इस्लामिक नेतृत्व के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गए हैं। देश भर में प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर कब्जा जमा रखा है और खामेनेई मुर्दाबाद के नारे लगा रहे हैं। इस जन विद्रोह के बीच एक नया ट्रेंड उभरकर सामने आया है।
ईरानी लड़कियों ने विरोध का नया तरीका किया ईजाद
ईरानी लड़कियों ने विरोध का नया तरीका ईजाद किया है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे वीडियो में महिलाएं देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की तस्वीर जलाकर उसी आग से सिगरेट सुलगाती नजर आ रही हैं। इसे 3 साल पहले महसा अमीनी की मौत के बाद शुरू हुए हिजाब विरोधी प्रदर्शन से जोड़कर देखा जा रहा है। यह सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि उस सत्ता को खुली चुनौती है, जहां महिलाओं के अधिकारों पर कड़े पहरे हैं और धार्मिक नियमों की अवहेलना मौत तक की सजा बन सकती है।
यह सब ऐसे समय हो रहा है, जब 86 साल के खामेनेई के धार्मिक शासन के खिलाफ प्रदर्शन और तेज हो गए हैं। सरकारी सख्ती और दमन के बावजूद लोग सड़कों पर उतर रहे हैं। ये प्रदर्शन शुरुआत में महंगाई और खराब अर्थव्यवस्था को लेकर शुरू हुए थे, लेकिन जल्दी ही यह आंदोलन शासन और भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़े विरोध में बदल गया। अब हालात यह हैं कि प्रदर्शनकारी सिर्फ सुधार की मांग नहीं कर रहे, बल्कि इस्लामिक रिपब्लिक व्यवस्था को ही पूरी तरह खारिज कर रहे हैं।
ईरान में सर्वोच्च नेता की तस्वीर जलाना कानूनन गंभीर अपराध
ईरान में सर्वोच्च नेता की तस्वीर जलाना कानूनन गंभीर अपराध है। महिलाओं के सिगरेट पीने पर भी सामाजिक और कानूनी रोक है। इसके बावजूद महिलाएं यह जोखिम उठा रही हैं। पिछले साल ओमिद सरलक नाम के एक युवक ने खामेनेई की तस्वीर जलाने का वीडियो पोस्ट किया था। कुछ घंटों बाद उसकी लाश उसकी कार में मिली थी।
तेहरान के मुख्य अभियोजक पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि सरकारी इमारतें जलाने या इस तरह के विरोध में शामिल लोगों को मौत की सजा दी जा सकती है। इसके बावजूद प्रदर्शन थमे नहीं हैं।
ईरान के प्रदर्शन ने गुरुवार को एक अलग ही मोड़ दे दिया। यह प्रदर्शन पूरे ईरान में फैलने के साथ और उग्र रूप ले चुका है। अमेरिका स्थित मानवाधिकार कार्यकर्ता समाचार एजेंसी ने कहा कि अब तक, प्रदर्शनों के आसपास हुई हिंसा में कम से कम 42 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 2,270 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है।
