नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध तीसरे सप्ताह में और अधिक व्यापक हो गया है। ईरान ने रविवार को कुवैत, तुर्किए और यूएई में कई ठिकानों पर हमले किए। इजरायल और अमेरिकी ठिकानों पर भी मिसाइल और ड्रोन दागे।
यूएई के फुजैराह तेल टर्मिनल पर ड्रोन हमले और आग लगने के बावजूद भारतीय ध्वज वाला पोत जग लाडकी 80,800 मीट्रिक टन कच्चा तेल लेकर भारत के लिए रवाना हो गया। खाड़ी में व्यापारिक जहाजों को सुरक्षा देने के लिए भारतीय नौसेना के कई युद्धपोत क्षेत्र में तैनात किए गए हैं।
सऊदी अरब का आरोप
सऊदी अरब ने आरोप लगाया कि ईरान ने नागरिक ठिकानों पर 10 ड्रोन हमले किए। हालांकि, ईरान ने इससे इन्कार किया। ईरान ने कहा कि उसके शाहेद कामिकेज ड्रोन की नकल करके अमेरिका और इजरायल कुवैत, तुर्किए और इराक पर ‘फाल्स-फ्लैग’ हमले कर रहे हैं।
दूसरी ओर, इजरायली सेना ने पश्चिमी ईरान तथा इस्फहान क्षेत्र में बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए। क्षेत्रीय सुरक्षा संकट अब तेल आपूर्ति, समुद्री व्यापार और कूटनीतिक समीकरणों को सीधे प्रभावित कर रहा है। ईरान ने कहा है कि होर्मुज जलमार्ग खुला हुआ है, लेकिन रिवोल्यूशनरी गार्ड के नियंत्रण में है।
रिवोल्यूशनरी गार्ड के कमांडर अलीरेजा तांगसीरी ने एख साक्षात्कार में कहा कि केवल अमेरिका, इजरायल और उनके सहयोगियों के जहाजों के निकलने पर पाबंदी है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि ईरान केवल अमेरिकी ठिकानों और हितों को निशाना बना रहा है।
क्या प्रस्ताव दिया ?
उन्होंने यह भी प्रस्ताव दिया कि क्षेत्रीय देशों के साथ संयुक्त जांच समिति बनाई जा सकती है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि किन ठिकानों पर हमले हुए और जिम्मेदारी किसकी है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने कहा है कि पश्चिम एशिया की सुरक्षा के लिए अमेरिका को ये क्षेत्र छोड़ना ही होगा अन्यथा खाड़ी में तनाव लगातार बढ़ता जाएगा।
ईरान ने दावा किया कि अमेरिकी और इजरायली हमलों में उसके औद्योगिक ढांचे, अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र तथा कई सैन्य प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचा है। इजरायल में तेल अवीव के आसपास 23 ठिकानों पर नुकसान की खबर हैं, जबकि एक जगह आग लगने की घटना सामने आई।
इजरायल में बीते 24 घंटे के दौरान 108 लोग हमलों में घायल हुए हैं। कुल मिलाकर 3195 लोग युद्ध शुरू होने के बाद से घायल हुए हैं। वहीं इजरायल ने कहा कि उसने ईरान के सैन्य कमांड ढांचे और मिसाइल नेटवर्क से जुड़े लक्ष्यों पर सटीक हमले किए हैं।
लेबनान मोर्चे पर भी तेज हुई कार्रवाईलेबनान में इजरायली सेना ने हिजबुल्ला के कथित कमांड सेंटर और दक्षिणी क्षेत्रों में लांच साइटों पर हमले किए। बेरूत में कई इलाकों में फिर से विस्फोट हुए। लेबनान में मृतकों की संख्या 800 से ऊपर पहुंचने की खबर है, जबकि विस्थापन तेजी से बढ़ रहा है।
इजरायल का ईरान पर हमला
इजरायल ने एक्स पर जानकारी दी कि हिजबुल्ला के वरिष्ठ खुफिया अधिकारियों, अब्दुल्ला जलाली-नसाब औ्र अमीर शरियत को मार दिया गया है। इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने उन खबरों का खंडन किया है, जिसमें कहा गया था कि हिजबुल्ला के खिलाफ युद्धविराम के लिए इजरायल लेबनान से सीधे बात करने जा रहा है।
इजरायल ने ईरान के इस्फहान में कई ठिकानों पर हवाई हमले किए। इजरायल ने इससे जुड़े वीडियो भी जारी किए, जिसमें धमाके के बाद धुआं उठता देखा गया। बढ़ रहा मौतों का आंकड़ा ईरान में रेडक्रास ने कहा कि अब तक 1300 लोग मारे गए हैं, जिनमें 425 महिलाएं और 202 बच्चे शामिल हैं। वहीं, लेबनान में मरनेवालों की संख्या 820 हो गई है।
वहीं, इजरायल में अब तक 12 लोगों की मौत हुई है। ईरान से अब तक 32 हजार लोगों ने अफगानिस्तान और चार हजार ने पाकिस्तान में शरण ली है। पोप लियो 16वें ने बगैर किसी देश का नाम लिए सभी नेताओं से युद्ध खत्म करने की अपील की।
