नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : US-Iran War : ईरान युद्ध का तनाव हर दिन एक नई ऊंचाई को पार कर रहा है। इस तनाव के बीच ब्रिटेन ने अमेरिका को अपने बेस इस्तेमाल करने की अनुमति दे दी है। वहीं, रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने खुलकर कहा है कि वो ईरान के साथ खड़े हैं।
सवाल ये है कि क्या ये युद्ध अब तीसरे विश्व युद्ध की कगार पर पहुंच गया है? क्या ऐसा कोई तरीका नहीं है, जिससे इस युद्ध को रोका जा सके? आइए जानते हैं पुतिन ने क्या कहा है।
ब्रिटेन ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर क्या कहा ?
यूनाइटेड किंगडम की सरकार ने अमेरिकी सेना को अपने बेस का इस्तेमाल करने की इजाजत दे दी है, ताकि होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजरानी की सुरक्षा के लिए रक्षात्मक अभियान चलाए जा सकें। यह बात आज प्रधानमंत्री कीर स्टारमर के ऑफिस ने कही।
स्टारमर के ऑफिस से जारी बयान में कहा गया है कि आज सरकारी मंत्रियों की बैठक हुई और उन्होंने ईरान द्वारा अपने लक्ष्यों का दायरा बढ़ाकर उसमें अंतरराष्ट्रीय जहाजरानी को भी शामिल करने की निंदा की। प्रधानमंत्री के ऑफिस के बयान में आगे कहा गया, “उन्होंने इस बात की पुष्टि की कि इस क्षेत्र की सामूहिक आत्मरक्षा के लिए अमेरिका को UK के बेस इस्तेमाल करने की जो सहमति दी गई है, उसमें अमेरिका के वे रक्षात्मक अभियान भी शामिल हैं जिनके तहत होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमला करने के लिए इस्तेमाल की जा रही मिसाइल साइटों और क्षमताओं को कमजोर किया जाएगा।” बयान में यह भी कहा गया कि ईरान युद्ध को लेकर UK का रुख नहीं बदला है।
पुतिन ने खुलकर किया ईरान का सपोर्ट
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरान से कहा है कि रूस इस मुश्किल दौर में ईरान का एक वफादार दोस्त और भरोसेमंद साथी बना रहेगा।” क्रेमलिन के अनुसार, फारसी नव वर्ष ‘नौरोज’ के मौके पर दिए गए एक संदेश में, पुतिन ने ईरान के लोगों के लिए “इन कठिन चुनौतियों का गरिमा के साथ सामना करने की शक्ति” की कामना की। क्रेमलिन के मुताबिक, उनका यह संदेश सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई और राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन को संबोधित था।
