नई दिल्ली, एंटरटेनमेंट डेस्क : बॉलीवुड में कई दिग्गज सिंगर्स ने अपनी आवाज से अमर पहचान बनाई है, लेकिन एक ऐसी सिंगर भी रहीं, जिनकी तुलना खुद सुर साम्राज्ञी लता मंगेशकर से की गई। अपनी मधुर आवाज से लाखों दिल जीतने वाली इस सिंगर ने जहां बॉलीवुड में धूम मचाई, वहीं बाद में भक्ति संगीत में भी अपनी अलग पहचान बना ली। हम बात कर रहे हैं मशहूर गायिका अनुराधा पौडवाल की। 70 और 80 के दशक में अनुराधा पौडवाल ने कई सुपरहिट गाने दिए। ‘क्या करते थे साजना’, ‘कोयल सी तेरी बोल’, ‘मेनू इश्क दा लगया रोग’ जैसे गानों ने उन्हें घर-घर में मशहूर कर दिया। उस दौर में लोग उनकी आवाज को लता मंगेशकर की आवाज से मिलाते थे। अनुराधा ने अपने करियर की शुरुआत फिल्म अभिमान से की थी, जिसमें अमिताभ बच्चन और जया भादुड़ी मुख्य भूमिकाओं में थे। धीरे-धीरे उन्होंने कई बड़े संगीतकारों के साथ काम किया और अपनी पहचान बनाई। 70-80 के दशक में वे इतनी लोकप्रिय हो गईं कि उनकी तुलना लता मंगेशकर से की जाने लगी थी। अनुराधा पौडवाल ने एक इंटरव्यू में बताया था कि बॉलीवुड में सिंगर्स के साथ भेदभाव होता है। यही कारण था कि उन्होंने फिल्मी दुनिया से दूरी बनाकर भक्ति संगीत को अपनाने का फैसला किया। पति और बेटे के निधन से टूटीं अनुराधा ने 1969 में म्यूजिक डायरेक्टर अरुण पौडवाल से शादी की थी। दोनों के दो बच्चे हुए – आदित्य और कविता। लेकिन एक हादसे में उनके पति का निधन हो गया। बाद में उन्होंने अपने बेटे आदित्य को भी किडनी फेलियर के कारण खो दिया, जिससे उनका जीवन पूरी तरह बदल गया। गुलशन कुमार से जुड़ा नाम पति के निधन के बाद अनुराधा की जिंदगी में कुछ समय के लिए स्थिरता आई। उस दौरान उनका नाम टी-सीरीज के संस्थापक गुलशन कुमार से भी जुड़ा। दोनों ने मिलकर कई सुपरहिट गाने गाए और शानदार जोड़ी के रूप में पहचाने गए। लेकिन जब गुलशन कुमार की हत्या हुई, तो अनुराधा पूरी तरह टूट गईं और उन्होंने पूरी तरह से भक्ति संगीत की राह पकड़ ली। अनुराधा पौडवाल को 2017 में पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया। आज वह अपनी भक्ति भरी आवाज से लोगों के दिलों में बस चुकी हैं। Post navigation PAK vs SA 1st T20I : दक्षिण अफ्रीका के हाथों पाकिस्तान की शर्मनाक हार CM-PM का पद खाली नहीं – अमित शाह