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मेरठ, संवाददाता : Meerut News: मेरठ की पॉश शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई लगातार जारी है। सोमवार को भारी विरोध के बीच अवैध दुकानें और छज्जे गिराए गए। लोगों ने जनप्रतिनिधियों पर छल करने का आरोप लगाते हुए रोष जताया। 

शास्त्रीनगर के सेंट्रल मार्केट में सोमवार को भारी विरोध और हंगामे के बीच आवास एवं विकास परिषद का ध्वस्तीकरण अभियान चला। अधिशासी अभियंता अभिषेक राज के नेतृत्व में परिषद की टीम ने भारी पुलिस बल, एक जेसीबी और एक जेसीबी ड्रिलर मशीन के साथ अवैध निर्माणों को ढहाया। इस दौरान क्षेत्र में तीव्र आक्रोश देखा गया। महिलाएं और अन्य लोग जेसीबी के आगे खड़े हो गए। विरोध प्रदर्शन के चलते तीन महिलाएं और एक व्यापारी बेहोश हो गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।

सोमवार सुबह परिषद की टीम ने चौराहे से गुरुद्वारा रोड पर घरों में बनी अवैध दुकानों को ध्वस्त करना शुरू किया। सेटबैक के लिए छोड़े गए स्थान में लगी दीवारें, गेट, खिड़की और पिलर गिराए गए। दोपहर में जब टीम गोल मंदिर के पास सेक्टर-3, 4 के चौराहे पर पहुंची, तो वहां धरने पर बैठी महिलाओं ने भारी विरोध किया और परिषद के खिलाफ नारेबाजी की। महिलाएं और उनके परिवार के लोग जेसीबी के आगे खड़े हो गए।

विवाद बढ़ने पर बीनू भार्गव और पूनम समेत तीन महिलाएं एक-एक कर बेहोश हो गईं

इस दौरान विवाद बढ़ने पर बीनू भार्गव और पूनम समेत तीन महिलाएं एक-एक कर बेहोश हो गईं। स्थिति बिगड़ती देख टीम आगे बढ़ गई और कुछ मकानों के छज्जे तथा गोल मंदिर के पास सेंट्रल मार्केट की ओर दो-तीन मकानों के छज्जे पर लगी ग्रिल उखाड़ दी।

व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर चली जेसीबी, व्यापारियों में तीखी नोकझोंक
सेंट्रल मार्केट के सेक्टर-6 में रामगोपाल गर्ग के मकान संख्या 145 में संचालित शर्मा प्रॉपर्टीज और डॉ. विकास मित्तल का होम्योपैथ क्लीनिक पूरी तरह ढहा दिया गया। इसके बाद जब टीम सूर्या ज्वेलर्स, गुप्ता जनरल स्टोर और एक जूते की दुकान को ध्वस्त करने पहुंची, तो व्यापारियों के साथ तीखी नोकझोंक हुई। 

गुप्ता जनरल स्टोर को खाली करने के लिए दो घंटे का समय दिया गया, जिसके बाद जेसीबी ने चारों दुकानों को जमींदोज कर दिया। हंगामे के बीच एक व्यापारी अचेत हो गया, जिसे ई-रिक्शा से नजदीकी नर्सिंग होम ले जाया गया। परिजनों के अनुसार, देर शाम तक व्यापारी की हालत में सुधार था।

दुकानदारों ने परिषद पर लगाए गंभीर आरोप

व्यापारियों का आरोप है कि वे लगातार किराया दे रहे हैं, लेकिन मकान मालिक दुकान खाली नहीं करने दे रहे। रविवार को जब वे सेट बैक के लिए खुद 10 फुट दुकान तोड़ रहे थे, तब पुलिस बुलाकर उन्हें थाना नौचंदी में बिठा दिया गया और अब परिषद से साठगांठ कर दुकानों को ध्वस्त कराया गया है।

कई भवन स्वामियों ने आरोप लगाया कि 10 फुट सेट बैक छोड़ने के बावजूद टीम ने 15 फुट की बात कहकर बाहर की दीवारें और दरवाजे तोड़ दिए। कार्रवाई के खौफ से अब आरटीओ रोड, गुरुद्वारा रोड और सेंट्रल मार्केट में लोग खुद ही अपने भवन और सेट बैक का हिस्सा तोड़ रहे हैं।
 

जनप्रतिनिधियों के खिलाफ फूटा गुस्सा
स्थानीय निवासियों और महिलाओं ने जनप्रतिनिधियों पर छल करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्र में जेसीबी या बुलडोजर न चलने का आश्वासन दिया था, लेकिन पिछले तीन दिन से लगातार ध्वस्तीकरण हो रहा है। प्रदर्शनकारियों ने दुख जताते हुए कहा कि शहर का सबसे आकर्षक और पॉश इलाका शास्त्रीनगर अब मलबे में तब्दील होता जा रहा है, लेकिन जनता की सुध लेने वाला कोई नहीं है।