नई दिल्ली, न्यूज़ डेस्क : केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्री जीतन राम मांझी ने 8-9 जुलाई 2026 को पुडुचेरी का दौरा कर मंत्रालय की प्रमुख योजनाओं के कार्यान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने बैंकों से एमएसएमई के लिए संस्थागत ऋण तक आसान पहुंच सुनिश्चित करने का आग्रह किया और तकनीक, वित्त, कौशल विकास तथा गुणवत्ता अवसंरचना को मजबूत बनाने पर जोर दिया। प्रमुख योजनाओं की हुई समीक्षा मांझी ने एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें एमएसएमई मंत्रालय, पुडुचेरी सरकार, खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी), कॉयर बोर्ड, नेशनल स्मॉल इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन (एनएसआईसी), सिडबी, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी), एमएसएमई संगठनों और अन्य हितधारकों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी), पीएम विश्वकर्मा, क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट फॉर माइक्रो एंड स्मॉल एंटरप्राइजेज (सीजीटीएमएसई), एमएसएमई कॉम्पिटिटिव (लीन), एमएसएमई सस्टेनेबल (जेडईडी), आरएएमपी, खरीद एवं विपणन सहायता (पीएमएस), बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) योजना और चैंपियंस जैसी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। इन योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने और अधिक लाभार्थियों तक पहुंच सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। बैंकों से आसान ऋण की अपील केंद्रीय मंत्री ने बैंकों से एमएसएमई क्षेत्र के उद्यमियों के लिए संस्थागत ऋण तक पहुंच आसान बनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित पक्षों को मिलकर सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना चाहिए, ताकि एमएसएमई क्षेत्र का तेजी से विकास हो सके। एमएसएमई तकनीक केंद्र का किया दौरा 8 जुलाई को जीतन राम मांझी ने एमएसएमई तकनीक केंद्र, पुडुचेरी का दौरा कर प्रशिक्षण और उत्पादन सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने तकनीक आधारित कौशल विकास कार्यक्रम में भाग ले रहे प्रशिक्षुओं से बातचीत की और आधुनिक मशीनों से तैयार उत्पादों का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को आधुनिक तकनीकी कौशल से लैस कर आत्मनिर्भर और रोजगार के लिए तैयार बनाना मंत्रालय की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने एमएसएमई तकनीक केंद्रों को कुशल मानव संसाधन तैयार करने और विनिर्माण क्षेत्र को मजबूत करने में महत्वपूर्ण बताया। एमएसएमई टेस्टिंग स्टेशन की सुविधाओं का लिया जायजा 9 जुलाई को केंद्रीय मंत्री ने एमएसएमई टेस्टिंग स्टेशन का भी दौरा किया। उन्होंने परीक्षण सुविधाओं, गुणवत्ता आश्वासन प्रणाली और तकनीकी सहायता सेवाओं की समीक्षा की तथा गुणवत्ता प्रमाणन, तकनीकी सहयोग और क्षमता निर्माण में स्टेशन की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि पुडुचेरी के अधिक से अधिक एमएसएमई उद्यमों को इन सुविधाओं का लाभ मिलना चाहिए और इसके लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है। एमएसएमई क्षेत्र को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई अपने दौरे के समापन पर जीतन राम मांझी ने कहा कि केंद्र सरकार वित्तीय पहुंच, आधुनिक तकनीक, कौशल विकास, गुणवत्ता अवसंरचना और संस्थागत सहयोग के माध्यम से पुडुचेरी के एमएसएमई पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। Post navigation ज्योतिरादित्य निवेशकों से बोले- दक्षिण-पूर्व एशिया का प्रवेश द्वार बन रहा है त्रिपुरा Weather : उत्तराखंड में भारी बारिश, स्कूलों में छुट्टी, 107 सड़कें बंद