नई दिल्ली, न्यूज़ डेस्क : ग्रेटर नोएडा के जेवर क्षेत्र में बन रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश ही नहीं एशिया का सबसे बड़ा हवाई अड्डा बनने जा रहा है। जेवर एयरपोर्ट को एयरोड्रम लाइसेंस भी मिल गया है और अब जल्द ही यहां से उड़ान सेवा शुरू होगी। अभी इसका पहला चरण ही शुरू होने वाला है, जब यह एयरपोर्ट पूरी तरह से बनकर तैयार हो जाएगा तो यह एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा।
इस एयरपोर्ट से उड़ान सेवाएं शुरू होने पर दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर हवाई यातायात का दबाव कम होने की उम्मीद है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की सबसे बड़ी खासियत इसकी कनेक्टिविटी होगी। क्योंकि इसे आसपास के लगभग सभी बड़े हाईवे और एक्सप्रेसवे से कनेक्ट किया जा रहा है। केंद्रीय कैबिनेट ने जेवर एयरपोर्ट को दिल्ली-मुंबई एयरपोर्ट से जोड़ने के लिए 3630 करोड़ से ज्यादा का रिवाइज्ड बजट अप्रूव कर दिया है।
देश का सबसे लंबा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे दिल्ली और मुंबई के साथ ही गुरुग्राम, जयपुर, अलवर, बडौदा जैसे शहरों को भी आपस में जोड़ रहा
देश का सबसे लंबा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे दिल्ली और मुंबई के साथ ही गुरुग्राम, जयपुर, अलवर, बडौदा जैसे शहरों को भी आपस में जोड़ रहा है। इस महत्वकांक्षी एक्सप्रेसवे को जेवर एयरपोर्ट से जोड़ने की भी जरूरत महसूस हुई, जिसे केंद्र पहले ही मंजूर कर चुका है। अब तो केंद्रीय कैबिनेट ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के दिल्ली-फरीदाबाद-बल्लभगढ़-सोहना स्पर को जेवर एयरपोर्ट से जोड़ने के लिए रिवाइज्ड बजट भी अप्रूव कर दिया है। यह रिवाइज्ड बजट कुल 3630.77 करोड़ रुपये का है।
जेवर एयरपोर्ट को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के दिल्ली-फरीदाबाद-बल्लभगढ़-सोहना स्पर से जोड़ने के लिए 31.42 किमी लंबा ग्रीनफील्ड कॉरिडोर बनाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के तहत 11 किमी का एलिवेटेड सेक्शन होगा। इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के बन जाने से दक्षिण दिल्ली, फरीदाबाद और गुरुग्राम की जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के साथ सीधी कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी। लगभग 31 किमी लंबे इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के बन जाने से क्षेत्र में तेज और सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित होगी। इससे दिल्ली-एनसीआर में माल ढुलाई भी आसान होगी।
