नई दिल्ली ,डिजिटल डेस्क : अमेरिका-इजरायल के हवाई हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की पुष्टि के बाद रविवार को कराची में उग्र भीड़ ने अमेरिकी वाणिज्य दूतावास घेर लिया और गेट तोड़कर अंदर घुसने की कोशिश की।
इस दौरान बड़ी संख्या में जुटे प्रदर्शनकारियों पर सुरक्षाबलों की ओर से की गई फायरिंग में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई जबकि कई अन्य जख्मी हो गए। अधिकारियों ने अब वाणिज्य दूतावास की ओर जाने वाले सभी रास्तों को बंद कर दिया है।
सिविल अस्पताल की प्रवक्ता डा. सुमैय्या सैयद ने बताया कि अब तक 10 शव अस्पताल लाए गए हैं, जिनमें से कुछ पर गोली के घाव हैं। ईरान पर इजरायल और अमेरिका के हमलों के बीच खामेनेई की मौत की खबर के बाद प्रदर्शनकारी अमेरिकी वाणिज्य दूतावास की ओर जाने वाली सड़क पर इकट्ठा होने लगे।
सैयद के अनुसार, करीब 30 घायल अस्पताल के ट्रामा सेंटर में उपचाराधीन हैं, जिनमें चार पुलिसकर्मी भी शामिल हैं
सैयद के अनुसार, करीब 30 घायल अस्पताल के ट्रामा सेंटर में उपचाराधीन हैं, जिनमें चार पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक असद रजा ने कहा कि जब भीड़ ने पुलिस पर हमला किया, तब स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे गए और रबर की गोलियां चलाई गईं।
पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया। एक प्रदर्शनकारी ने बाद में एक टीवी चैनल से बातचीत में दावा किया कि जब प्रदर्शनकारी वाणिज्य दूतावास में घुसने की कोशिश करने लगे तो पुलिस ने गोलीबारी की। सिंध के गृह मंत्री जिया उल हसन लंजार ने कराची के अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक से तत्काल विवरण मांगा और कहा कि किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
कानून प्रवर्तन एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और स्थिति पर कड़ी नजर रख रही हैं। लंजार ने पूरे घटनाक्रम की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। हालांकि, उन्होंने उन अटकलों को खारिज किया कि मारे गए लोगों को वाणिज्य दूतावास की सुरक्षा में तैनात अमेरिकी मरीन ने गोली मारीं।
ईधी वेलफेयर ट्रस्ट के फैसल ईधी ने कहा कि कुछ प्रदर्शनकारी बेहद ¨हसक हो गए और उन्होंने उनके स्वयंसेवकों तथा एंबुलेंस पर भी हमला किया। इस बीच, खामेनेई की मौत के बाद इस्लामाबाद और लाहौर में भी विरोध प्रदर्शनों की खबरें हैं।
इस्लामाबाद में तहरीक-ए-जाफरिया पाकिस्तान ने विरोध प्रदर्शन और अमेरिकी दूतावास का घेराव करने की घोषणा की, जिसके बाद अधिकारियों ने ‘रेड जोन’ सील कर दिया और उससे जुड़ी सड़कों पर अतिरिक्त बल तैनात किए। लाहौर में प्रेस क्लब के बाहर इजरायल और अमेरिका के ईरान के खिलाफ सैन्य हमलों के विरोध में प्रदर्शन जारी हैं। अमेरिकी वाणिज्य दूतावास की सुरक्षा बढ़ाई गई है।
अमेरिकी दूतावास ने कहा- हम हालात पर नजर रख रहे
इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास ने कहा है कि हम कराची और लाहौर में अमेरिकी वाणिज्य दूतावासों के निकट जारी प्रदर्शनों की खबरों पर नजर रख रहे हैं। साथ ही इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास और पेशावर स्थित वाणिज्य दूतावास के सामने प्रदर्शनों के आह्वान की खबरें भी देख रहे हैं। हम पाकिस्तान में मौजूद अमेरिकी नागरिकों को सलाह देते हैं कि वे स्थानीय समाचारों पर नजर रखें और व्यक्तिगत सुरक्षा के उपाय अपनाएं।
स्कर्दू में संयुक्त राष्ट्र के कार्यालय को आगे के हवाले किया रायटर के अनुसार, पाकिस्तान के कई अन्य हिस्सों में भी बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरे और काले झंडे लहराते हुए और अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने शिया-बहुल गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र में स्कर्दू में एक संयुक्त राष्ट्र कार्यालय की इमारत को आग के हवाले कर दिया। पाकिस्तान और इराक में ईरान के बाद सबसे बड़ी शिया मुस्लिम आबादी है।
