शिलांग, ब्यूरो : मेघालय में अवैध कोयला खनन से जुड़ी एक और दुखद घटना में पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले में 10 मजदूरों के मारे जाने की सूचना मिल रही है। इस घटना ने बार-बार की गई कार्रवाई और न्यायिक जांच के बावजूद इस क्षेत्र में अवैध खनन गतिविधियों के निरंतर संचालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पूर्वी जयंतिया हिल्स के पुलिस अधीक्षक ने स्थिति का जायजा लेने के लिए घटनास्थल पर एक टीम भेजी है। पुलिस ने बताया कि मृतकों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। हालांकि ऐसी खबरें थीं कि पीड़ित असम के निवासी हो सकते हैं, लेकिन अधिकारियों ने इस रिपोर्ट को लिखे जाने तक ऐसी किसी भी बात की पुष्टि नहीं की थी। SDRF को मौके पर भेजा गया राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं के कर्मियों को बचाव और राहत कार्यों में सहायता के लिए घटनास्थल पर भेजा गया। अधिकारियों ने बताया कि हताहतों की संख्या और भी अधिक हो सकती है, क्योंकि घटनास्थल से मिली रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि विस्फोट के बाद जिस पहाड़ी पर अवैध खनन चल रहा था, वह आंशिक रूप से ढह गई है, जिसके कारण अतिरिक्त मजदूर फंसे हो सकते हैं। पहले भी हो चुका है हादसायह ताजा घटनाक्रम इसी महीने की शुरुआत में हुई एक और मौत के ठीक बाद सामने आया है। 17 जनवरी को, असम के एक मजदूर की मौत के बाद नए सिरे से चिंताएं पैदा हुईं, जिसका कथित तौर पर संबंध 14 जनवरी को सुतंगा इलाका के उमथे में अवैध कोयला खनन गतिविधि से था। मृतक की पहचान असम के होजाई जिले के निवासी मोसैद अली के रूप में हुई। उनकी मौत की डिटेलिंग सेवानिवृत्त जस्टिस बी.पी. कटाके की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक के दौरान सामने आया, जो अवैध कोयला खनन पर गठित एक सदस्यीय समिति के प्रमुख हैं। Post navigation ICC Men’s T20 World Cup 2026 : 7 फरवरी से 8 मार्च तक चलेंगे मैच Amit Shah ने लॉन्च की भारत टैक्सी, ड्राइवरों को मिलेगा हक और सुरक्षा