नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : पाकिस्तान में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की अमेरिका-इजरायल हमलों में मौत के बाद फैली अशांति ने हिंसक रूप ले लिया है। अधिकारियों ने उत्तरी शहरों गिलगित और स्कार्दू में सेना तैनात कर तीन दिनों का कर्फ्यू लगा दिया।
रविवार को हजारों शिया प्रदर्शनकारियों ने संयुक्त राष्ट्र के सैन्य पर्यवेक्षक समूह (UNMOGIP) के कार्यालय पर हमला किया, जो कश्मीर में संघर्ष विराम की निगरानी करता है। साथ ही, स्कार्दू में यूएन विकास कार्यक्रम के दफ्तर को निशाना बनाया गया।
गिलगित में एक पुलिस स्टेशन को आग के हवाले कर दिया गया, जबकि एक स्कूल और स्थानीय चैरिटी कार्यालय को क्षति पहुंचाई गई। पुलिस के अनुसार, कम से कम 20 लोग मारे गए और 80 घायल हुए।
संयुक्त राष्ट्र की रिएक्शन
संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि UNMOGIP क्षेत्रीय स्टेशन के पास प्रदर्शनकारी हिंसक हो गए, जिसमें तोड़फोड़ हुई। दुजारिक ने जोर दिया, ‘पूरे इलाके में UN के लोगों और जगहों की सेफ्टी हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है, और हम हालात पर करीब से नजर रख रहे हैं।’
गिलगित-बाल्टिस्तान सरकार के प्रवक्ता शब्बीर मीर ने बताया कि स्थिति नियंत्रण में है और कर्फ्यू बुधवार तक जारी रहेगा। पुलिस प्रमुख अकबर नासिर खान ने लोगों से घरों में रहने की अपील की।
कराची और इस्लामाबाद में बढ़ती हिंसा
कराची में प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर हमला किया, खिड़कियां तोड़ीं और इमारत को जलाने की कोशिश की। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में 10 मौतें और 50 से अधिक घायल हुए।
इस्लामाबाद में शिया मार्च के दौरान एक व्यक्ति मारा गया। अमेरिकी दूतावास ने सुरक्षा चिंताओं के चलते वीजा सेवाएं रद कर दीं। पूरे देश में अमेरिकी राजनयिक मिशनों की सुरक्षा बढ़ाई गई है।
स्टॉक एक्सचेंज में 10% की गिरावट
सोमवार को पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज में 10% की गिरावट आई, जिसे भू-राजनीतिक तनाव से जोड़ा जा रहा है। पाकिस्तान की शिया अल्पसंख्यक समुदाय में गुस्सा उबाल पर है।
इस्लामाबाद में 5,000 से 8,000 प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाए, ‘जो लोग US का साथ देते हैं वे देशद्रोही हैं’ और ‘इज़राइल से बदला लेने’ की मांग की। यह अशांति पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर जारी संघर्ष के बीच हुई, जहां दोनों देशों के बीच हवाई हमले जारी हैं।
