कोलकाता, संवाददाता : Kolkata Earthquake Today : पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में शुक्रवार को भूकंप के तेज झटके महसूस हुए। दहशत में लोग घरों से बाहर निकलकर भागे। ये झटके सुबह 10:10 बजे महसूस किये गए. ताजा जानकारी के अनुसार भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.7 रही। ये भूकंप के झटके कोलकाता सहित बांग्लादेश में भी महसूस किये गए। यूरोपियन-मेडिटेरेनियन सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक इस भूकंप का केंद्र बांग्लादेश के टुंगी से 27 किलोमीटर पूर्व में था । इसकी गहराई 10 किलोमीटर थी। इस भूकंप से किसी भी जान माल के नुकसान की खबरें नहीं मिली हैं. हालांकि भूकंप की वजह से कोलकाता के आसपास के जिलों, जैसे कूचबिहार और दिनाजपुर में भी लोग घरों से बाहर निकल आए। क्यों बंगाल की खाड़ी इलाके में आते हैं भूकंप ? टेक्टोनोभौतिकी के वैज्ञानिक सत्यजित बिस्वास और रंजीत मजुमदार की रिसर्च Seismicity and tectonics of the Bay of Bengal के मुताबिक, हिमालय का अभी भी निर्माण हो रहा है जिसकी वजह से भारतीय प्लेट लगातार हिमालय को ऊपर की तरफ धकेल रही है. इस टक्कर से बंगाल की खाड़ी के नीचे मौजूद प्लेटों में भी लगातार हलचल होती रहती है। इसलिए यहां भूकंप लगातार आते रहते हैं। रिसर्च के मुताबिक बंगाल की खाड़ी और उत्तर भारत की जमीन के नीचे कई जगहों पर प्लेटों में तनाव जमा हो रहा है. जिसकी वजह से लगातार इन इलाकों में भूकंप आते रहते हैं। ये भी पढ़ें- पीएम मोदी दक्षिण अफ्रीकी दौरे पर हुए रवाना, जी-20 समिट में पेश करेंगे भारत का दृष्टिकोण इंडो प्लेट का एशियन प्लेट से टकरानारिसर्च में ये भी पाया गया है कि बंगाल की खाड़ी के नीचे का इलाका लगातार सक्रिय है। इसके अंदर कई जगहों पर टेक्टोनिक प्लेटों में फॉल्ट है। जिसकी वजह से यहां जमीन लगातार उत्तर-दक्षिण दिशा में दब रही है। इसकी सबसे बड़ी वजह इंडो प्लेट का उत्तर में मौजूद एशिया प्लेट से टकराना है। बंगाल की खाड़ी के नीचे की जमीन है अशांतइस दबाव की वजह से उत्तर भारत और विशेषकर बंगाल की खाड़ी वाले इलाके की जमीन लगातार गति कर रही है। जब प्लेटों में तनाव ज्यादा आ जाता है तो इसके अंदर भूकंप की लहरें उठती हैं. इस वजह से इन इलाकों में लगातार भूकंप आते रहते हैं। Post navigation Africa में G20 सम्मेलन का आयोजन भारत के लिए गर्व की बात – PM Modi भारत और अमेरिका ने बढ़ाई नौसैनिक साझेदारी, एडमिरल का दौरा सम्पन्न