नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : लाल किला आतंकी हमले में NIA को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है | NIA ने इस मामले में आत्मघाती हमलावर डॉ.उमर मोहम्मद की मदद करने वाले उसके सहयोगी को गिरफ्तार किया है | पुलिस फिलहाल गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर रही है| NIA ने गिरफ्तार आतंकी की पहचान आमीर राशिद अली के रूप में की है. आमीर मूल रूप से कश्मीर का रहने वाला है. आमिर पर आरोप है कि उसने उमर के साथ मिलकर इस धमाके की साजिश रची थी. दिल्ल में धमाके में जिस कार का इस्तेमाल किया गया था वो भी आमिर राशिद अली के नाम पर ही रजिस्टर्ड है. NIA ने दिल्ली में हुए धमाके को पहला ऐसा सुसाइड अटैक माना है |
NIA की जांच में पता चला है कि जम्मू-कश्मीर के पंपोर के संबूरा का रहने वाले आमीर राशिद अली धमाके में इस्तेमाल की गई कार को खरीदने के लिए कुछ महीने पहले ही दिल्ली आए थे. यहां से कार खरीदने के बाद ही उस कार में बम को सेट किया गया. जांच में पता चला है कि आमिर ने इस पूरी साजिश को कथित आत्मघाती हमलावर उमर उन नबी के साथ मिलकर अंजाम दिया.उमर पुलवामा का निवासी था और हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी में जनरल मेडिसिन विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर था L
NIA के मुताबिक आमिर विशेष रूप से दिल्ली आया था ताकि धमाके के लिए कार खरीदी जा सके.यही कार बाद में VBIED (Vehicle-Borne Improvised Explosive Device) में बदल दी गई. फॉरेंसिक जांच से यह भी पुष्टि हो गई कि कार चलाने वाला मृत ड्राइवर उमर ही था. NIA ने उमर उन नबी की एक और कार भी जब्त की है. फिलहाल इस वाहन की गहन जांच चल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इसे इस साजिश में कैसे और कितना इस्तेमाल किया गया था |
आपको बता दें कि एजेंसी अब तक 73 गवाहों और घायलों के बयान दर्ज कर चुकी है. कई तकनीकी और डिजिटल सबूत भी मिले हैं, जिनका विश्लेषण किया जा रहा है. NIA इस जांच में दिल्ली पुलिस, जम्मू-कश्मीर पुलिस, हरियाणा पुलिस, यूपी पुलिस और अन्य केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है. जांच टीम अब बड़े नेटवर्क को पकड़ने, फंडिंग के सोर्स का पता लगाने और मास्टरमाइंड्स की पहचान करने पर फोकस कर रही है |
