इस्लामाबाद, एजेंसी : पाकिस्तान के आम चुनावो में भ्रष्टाचार का आरोप लगाने वाले पूर्व वरिष्ठ नौकरशाह लियाकत अली चट्ठा गुरुवार को अपने बयान से मुकर गए। पूर्व वरिष्ठ नौकरशाह ने आरोप लगाया था कि रावलपिंडी से 13 प्रत्याशियों को जबरिया विजेता घोषित कर दिया गया। पूर्व वरिष्ठ नौकरशाह लियाकत अली चट्ठा ने कहा है कि वह अपने दावों पर बहुत शर्मिंदा हैं। जियो न्यूज के मुताबिक रावलपिंडी के पूर्व कमिशनर लियाकत अली चट्ठा बोले ‘मैं अपने कार्यो की पूरी जिम्मेदारी लेता हूं और किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई के लिए स्वयं को पाकिस्तान कानून के सामने समर्पित करता हूं।’ इस घटनाक्रम पर पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पर चुनाव को विवाद पूर्ण बनाने का प्रयास करने का आरोप लगाया। पार्टी ने एक एक्स पोस्ट में कहा, ‘पीटीआइ (पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ) को शर्म आनी चाहिए। हर दुष्प्रचार के पीछे पीटीआइ ही है। चुनावो को विवादास्पद बनाकर लियाकत अली चट्ठा ने पाकिस्तान की छवि को खराब किया ।’ लियाकत ने शनिवार को चुनाव में हेराफेरी की जिम्मेदारी स्वीकार करने के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। लियाकत ने कहा था कि वह इन सभी गलत कार्यों की जिम्मेदारी अपने ऊपर लेते है। Post navigation यूक्रेन युद्ध के दो साल पूरे होने से पहले अमेरिका रूस पर लगाएगा नये प्रतिबंध IPL 2024 RR Schedule : 22 मार्च से आईपीएल 2024 का आगाज