लखनऊ ,सदंवाददाता : जिले का नाम बदलकर हरिगढ़ किए जाने की सुगबुगाहट एक बार फिर तेज हो गई है। शासन ने इस मामले में जिला प्रशासन से एक विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। राजस्व परिषद के आयुक्त एवं सचिव सूरज कुमार यादव की ओर से जिला प्रशासन को भेजे गए पत्र में स्पष्ट किया गया है कि जिला पंचायत अध्यक्ष विजय सिंह ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अलीगढ़ का नाम हरिगढ़ करने का औपचारिक अनुरोध किया था। इसके मद्देनजर परिषद ने कमिश्नर के माध्यम से इस प्रकरण पर पूरी औचित्यपूर्ण आख्या जल्द से जल्द भेजने के निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि इससे पहले भी जिला पंचायत अध्यक्ष विजय सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर अलीगढ़ का नाम बदलकर हरिगढ़ रखने का प्रस्ताव सौंपा था। वर्ष 2021 में जिला पंचायत की पहली बैठक के दौरान भी सभी स्थानीय विधायकों और सांसदों ने सर्वसम्मति से अलीगढ़ का नाम हरिगढ़ करने का प्रस्ताव पारित कर शासन को भेजा गया था, जिस पर अब नए सिरे से प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू हो गई है। 600 साल के इतिहास में पांच बार बदला जा चुका है नामदस्तावेजों के अनुसार अलीगढ़ का नाम बदलने का यह कोई पहला प्रयास नहीं है। पिछले 600 वर्षों के लंबे इतिहास में इस शहर का नाम अलग-अलग समय पर पांच बार बदला जा चुका है। शहर का सबसे पहला प्राचीन नाम कोल था। समय के साथ राजनीतिक और प्रशासनिक बदलावों के बीच इस क्षेत्र के नाम में कई बार संशोधन किए गए हैं। हमने बोर्ड बैठक में प्रस्ताव लाकर शासन को भेजा था। यह अच्छा संकेत है कि राजस्व परिषद ने इस पर रिपोर्ट मांगी है। – विजय सिंह , जिला पंचायत अध्यक्ष Post navigation कोर्ट के बाहर ससुराल वालों ने दामाद की कर दी पिटाई, साले ने जड़े खूब थप्पड़ CM योगी को धमकी देने वाला आरोपी गिरफ्तार, हवालात से लंगड़ाते हुए निकला