Mahashivratri के लिए सज रहे शिवालय, जानिए नाथ मंदिरों का पौराणिक महत्व

bareillay-news

बरेली, ब्यूरो :बरेली: शहर में सात प्राचीन नाथ मंदिर हैं। ये सातों शिवालय शहर को नाथ नगरी की पहचान देते हैं। महाशिवरात्रि के लिए नाथ मंदिरों में भव्य सजावट की जा रही है। फूलों के साथ रंग-बिरंगी लाइटों से मंदिरों को सजाया जा रहा है। 

डमरू की गूंज और हर-हर महादेव का उद्घोष सुनाई देने लगे, तो समझ लीजिए कि नाथ नगरी अपने आराध्य के सबसे बड़े पर्व के स्वागत के लिए तैयार है। महाशिवरात्रि के लिए इस बार भी शिव मंदिरों को फूलों और रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया जा रहा है। प्रशासन और मंदिर समितियों ने सुरक्षा व सुगमता के विशेष इंतजाम किए हैं। कहीं, मंदिरों को भव्य डिजिटल लाइटों से सजाया जा रहा है, तो कहीं जलाभिषेक के लिए लंबी कतारों को व्यवस्थित करने के लिए बैरिकेडिंग का काम पूरा हो चुका है। सात नाथ मंदिरों की मान्यता व महाशिवरात्रि पर चल रहीं है।

अलखनाथ मंदिर
करीब 1000 वर्ष पुराना बाबा अलखनाथ मंदिर शहर के प्राचीन मंदिरों में शामिल है। बताया जाता है कि यहां पर पहले घना वन हुआ करता था। यहीं पर संत अलखिया तपस्या कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें पेड़ के नीचे शिवलिंग का पता चला। खोदाई करने पर वहां स्वयंभू शिवलिंग निकला, जिसे वहां स्थापित किया गया। मंदिर के महंत कालू गिरि महाराज ने बताया कि मंदिर में साफ-सफाई से लेकर सजावट की तैयारियां चल रही हैं। महाशिवरात्रि पर रात 12 बजे से ही जलाभिषेक शुरू हो जाएगा।

त्रिवटीनाथ मंदिर

प्रेमनगर स्थित त्रिवटीनाथ मंदिर का इतिहास 550 वर्ष पुराना है। यहां स्वयंभू शिवलिंग स्थापित है। मान्यता है कि एक चरवाहा तीन वट वृक्षों के नीचे आराम कर रहा था। तब सपने में उसे शिवलिंग की जानकारी हुई। फिर यहां छोटे से मंदिर की स्थापना हुई और भक्तों की मनोकामना पूरी होने लगी। मंदिर के मीडिया प्रभारी संजीव औतार अग्रवाल ने बताया कि महाशिवरात्रि पर तड़के आरती के बाद जलाभिषेक शुरू हो जाएगा। भक्तों के लिए एक ओर से प्रवेश और दूसरी ओर से निकास की व्यवस्था रहेगी।

धोपेश्वरनाथ मंदिर
कैंट स्थित धोपेश्वरनाथ मंदिर महाभारत कालीन है। मान्यता है कि अत्रि ऋषि के शिष्य धूम्र की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव प्रकट हुए और ऋषि की इच्छा अनुसार यहां पर शिवलिंग के रूप में प्रतिष्ठित हो गए। मान्यता है कि मंदिर में बने कुंड में स्नान करने से सभी प्रकार के चर्म रोग ठीक हो जाते है। पुजारी धनश्याम दास ने बताया कि मंदिर को सजाया जा रहा है। एक दो दिन में तैयारी पूरी हो जाएगाी। महाशिवरात्रि पर सुबह आरती के बाद मंदिर के कपाट भक्तों के लिए खोल दिए जाएंगे।

तपेश्वरनाथ मंदिर

सुभाषनगर स्थित तपेश्वरनाथ मंदिर करीब 500 वर्ष पुराना है। यहां बाबा भालू दास नाम के संत ने कठिन तपस्या की, जिससे भगवान ने प्रसन्न होकर उन्हें दर्शन दिए। इसके बाद यहां पर शिवलिंग की स्थापना की गई। भक्तों की भीड़ मंदिर में लगी रहती है। मान्यता है कि यहां आने वाले भक्तों की सभी मनोकामना पूरी होती हैं। मंदिर के महंत बिशन सिंह महाराज ने बताया कि महाशिवरात्रि पर बड़ी संख्या में भक्त तड़के से ही भगवान शिव के दर्शन करने आने लगते हैं।

वनखंडीनाथ मंदिर
जोगी नवादा स्थित वनखंडीनाथ मंदिर महाभारत कालीन बताया जाता है। सात नाथ मंदिरों में यह प्रसिद्ध मंदिर है। बताया जाता है कि मुगलों की ओर से मंदिर को गिराने का प्रयास किया गया, लेकिन असफल रहे। मंदिर में कई ऋषियों ने तप किया, जिनकी समाधियां परिसर में बनी हैं। महाशिवरात्रि पर यहां पर भक्तों की तांता लगता है। यहां पर 108 शिवलिंग पर भक्त विशेष रूप से जलाभिषेक करते हैं और भगवान से मान्यता मांगते हैं।

पशुपतिनाथ मंदिर
पीलीभीत रोड पर बना पशुपतिनाथ मंदिर नेपाल के पशुपतिनाथ मंदिर की तर्ज पर बनाया गया है। बताया जाता है कि एक व्यक्ति को सपने में भगवान ने आकर मंदिर बनाने के लिए कहा था, जिसके बाद मंदिर का निर्माण हुआ। मंदिर में एक पहाड़ के साथ 108 शिवलिंग बने हुए हैं। महाशिवरात्रि पर मंदिर को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया है। सुबह आरती के बाद भक्तों के लिए मंदिर को खोल दिया जाएगा।

India’s cricketers will score 200 against New Zealand Designs of Mehendi for Karwa Chauth in 2024 Indian Women’s T20 World Cup Qualifiers Simple Fitness Advice for the Holidays Top 5 Business Schools in the World