भोपाल , संवाददाता : मध्य प्रदेस में दूषित पानी का संकट खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। अब मैहरजिले के टेगना ररिया टोला में रहने वाले ग्रामीण इन दिनों गंभीर पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। गांव के करीब 24 परिवारों को पीने के लिए स्वच्छ पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। हालात इतने खराब हैं कि लोगों को गड्ढों और नालियों में जमा दूषित पानी का उपयोग पीने और दैनिक जरूरतों के लिए करना पड़ रहा है। तीन किलोमीटर दूर से पानी लाने को मजबूर महिलाएं गांव की महिलाएं रोजाना करीब तीन किलोमीटर दूर से डिब्बों और मटकों में पानी भरकर घर लाती हैं। यह पानी साफ नहीं है, लेकिन मजबूरी में इसी का उपयोग किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि स्वच्छ पानी की कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे उनका जीवन खतरे में पड़ गया है। जल जीवन मिशन की योजना बनी दिखावा गांव में जल जीवन मिशन के तहत नल कनेक्शन लगाए गए थे, लेकिन नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि कई दिनों तक नलों से एक बूंद पानी नहीं आता। योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही के कारण ग्रामीणों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। लंबे समय से खराब पड़ा हैंडपंप गांव में मौजूद एकमात्र हैंडपंप लंबे समय से खराब पड़ा है। इसकी मरम्मत को लेकर कई बार शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। यदि हैंडपंप चालू होता, तो ग्रामीणों को कम से कम पीने का पानी मिल सकता था। Post navigation अमृत भारत ट्रेनें कनेक्टिविटी में सुधार के लिए अहम- पीएम मोदी तीन महीने बाद सामने आई Zubeen Garg की मौत की असली कारण