इंफाल, डिजिटल डेस्क : युमनाम खेमचंद सिंह मणिपुर के नए सीएम होंगे. उन्हें बीजेपी विधायक दल का नेता चुना गया है. वो बुधवार शाममणिपुर राजभवन में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। इसके साथ हीगोविंद दास को राज्य का गृह मंत्री बनाया जाएगा। दो उपमुख्यमंत्री भी होंगे. बात करें खेमचंद की तो वो मेतई सुमदाय से आते हैं। सिंगजामेई विधानसभा सीट से विधायक चुने जाने के साथ ही वो इंजीनियर रहे हैं। 62 साल से खेमचंद सिंह बीरेन सरकार में नगर प्रशासन और आवास विभाग के मंत्री थे। उनका सियासी रसूख इस बात से समझा जा सकता है कि वो 2022 में सीएम पद के दावेदार थे. खेमचंद संघ के करीबी माने जाते हैं। नई सरकार बनाने की कवायद तेज मणिपुर में नई सरकार बनाने की कवायद तेज हो गई है। राष्ट्रपति शासन को हटाया जा रहा है. इसी कड़ी में बीजेपी ने मणिपुर विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग को आब्जर्वर नियुक्त किया था। इसके लिएबीजेपी विधायक दल की आज दिल्ली में बैठक हुई। 4 फरवरी को नई सरकार का शपथ ग्रहण !बीजेपी मुख्यालय में हुई इस बैठक में युमनाम खेमचंद सिंह को विधायक दल का नेता चुना गया। इस मौके पर तरुण चुग और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने उनका मुंह मीठा कराया और शुभकामनाएं दीं.बताया जा रहा है कि खेमचंद के चुनाव के बाद अब 4 फरवरी को नई सरकार का शपथ ग्रहण कराया जा सकता है। राष्ट्रपति से मिलने जा सकते हैं विधायकइस तरह से मणिपुर में नए मुख्यमंत्री के शपथ लेने के साथ ही सरकार के गठन की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी. उधर, खेमचंद को विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद अब संभावना जताई जा रही है कि मणिपुर के सभी विधायक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने राष्ट्रपति भवन जा सकते हैं। रेस में थे ये नाम, जिन्हें खेमचंद ने पछाड़ा मुख्यमंत्री की रेस में गोविंद दास और टी विश्वजीत सिंह सबसे आगे थे. गोविंद दास 7 बार के विधायक हैं। उन्हें बिरेन सिंह का समर्थन भी है। बता दें कि पहले विधायकों की बैठक इंफाल में होनी थी लेकिन कुकी समुदाय के पार्टी से जुड़े विधायक दिल्ली में केंद्रीय नेतृत्व के साथ बैठक करना चाहते थे। मैतेई और कुकी के बीच संघर्षमई 2023 में मैतेई और कुकी जातियों के बीच जातीय हिंसा हुई. इसमें अब तक 260 से अधिक लोग मारे गए. हजारों लोग बेघर हो गए। पिछले साल 13 फरवरी को बीरेन सिंह ने सीएम पद से इस्तीफा दिया। फिर केंद्र सरकार ने राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया था। मणिपुर का सियासी गणित60 सदस्यीय विधानसभा वाले मणिपुर में बीजेपी के पास कुल 37 विधायक हैं। एनडीए के सहयोगी दल में एनपीपी के 6 और नागा पीपुल्स फ्रंट (एपीएफ) के भी 5 विधायक हैं। मणिपुर में पहली बार 13 फरवरी, 2025 को 6 महीने के लिए राष्ट्रपति शासन लगाया गया था. फिर अगस्त 2025 में इसे और छह महीने के लिए बढ़ा दिया गया था। Post navigation महिला विधायक ने 66 आदिवासी परिवार के सदस्यों की कराई ‘घर वापसी’ DRDO ने रचा इतिहास, Air-To-Air मिसाइल तकनीक में मिली बड़ी सफलता