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New Delhi, Agency || भारतीय वायु सेना (Indian Airforce) अब मेक इन इंडिया के तहत अपने प्रोजेक्ट चीता को आगे बढ़ाने की योजना बना रही है। इसके तहत भारतीय रक्षा निर्माता इजरायल हेरॉन ड्रोन को स्ट्राइक क्षमताओं से लैस करेंगे। भारतीय वायु सेना में सम्मिलित किए गए हेरॉन Mark 2 ड्रोन उत्तरी क्षेत्र में एक फॉरवर्ड एयर बेस से संचालित किये जा रहे हैं। लंबे वक्त तक उड़ने वाले ड्रोन एक ही उड़ान से पाकिस्तान और चीन दोनों के साथ पूरी सीमाओं को देखने की क्षमता रखते हैं।

हेरॉन Mark 2 ड्रोन का संचालन करने वाले स्क्वाड्रन को ‘वार्डन ऑफ द नॉर्थ’ के रूप में कहा जाता है और यह चीन और पाकिस्तान दोनों सीमाओं पर निगरानी मिशन चला रहा है। ड्रोन उपग्रह संचार सुविधाओं से सुसज्जित हैं और भारतीय सुरक्षा बलों में सबसे बेहतरीन ड्रोन हैं।

चार नए हेरॉन Mark 2 ड्रोन, जो लंबी दूरी की मिसाइलों और अन्य हथियार प्रणालियों से लैस हैं। यह उत्तरी क्षेत्र में एक फॉरवर्ड एयर बेस पर तैनात किया गया है।

ड्रोन स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर विंग कमांडर पंकज राणा ने बेस पर एक विशेष वार्ता में एनएआई को कहा कि हेरॉन Mark 2 एक बहुत ही सक्षम ड्रोन है। इस के कारण पूरे देश की एक ही जगह से निगरानी की जा सकती है। उन्होंने आगे बताया, “ड्रोन अपने लक्ष्य को पूरा करने और मिशन को पूरा करने के लिए किसी भी मौसम और किसी भी क्षेत्र में कार्य कर सकता है।”