नई दिल्ली, संवाददाता : भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय ने ‘मेरा गाँव मेरी धरोहर’ (MGMD) कार्यक्रम के तहत देशभर में कुल 6,38,365 गाँवों की पहचान सांस्कृतिक मानचित्रण के लिए की है। इनमें से 6,23,449 गाँवों का सांस्कृतिक डेटा अब तक MGMD पोर्टल पर अपलोड किया जा चुका है। यह जानकारी केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने राज्यसभा में एक लिखित जवाब में दी। MGMD कार्यक्रम के तहत हर गाँव की सांस्कृतिक पहचान को दर्ज किया जा रहा है। इस डॉक्युमेंटेशन में मूर्त और अमूर्त दोनों तरह की सांस्कृतिक विरासत शामिल है, जैसे लोक परंपराएँ, मान्यताएँ, रीति-रिवाज, ऐतिहासिक महत्व, कला रूप, सांस्कृतिक धरोहर स्थल, पारंपरिक भोजन, प्रसिद्ध कलाकार, मेले-त्योहार, पारंपरिक पोशाक, आभूषण और स्थानीय पहचान वाले स्थल। सरकार का कहना है कि यह कार्यक्रम ग्रामीण पहचान को मजबूत बनाता है क्योंकि इससे प्रत्येक गाँव का एक ऑथेंटिक सांस्कृतिक प्रोफाइल तैयार होता है। यह प्रोफाइल न केवल स्थानीय परंपराओं और धरोहरों को पहचान देने का काम करता है, बल्कि ग्रामीण समुदायों को भी डॉक्यूमेंटेशन में सीधे भागीदारी का अवसर देता है। MGMD पोर्टल पर मिलने वाली यह जानकारी जनसहभागिता और क्राउड-सोर्स वैलिडेशन से और भी भरोसेमंद बन जाती है। एक ही राष्ट्रीय पोर्टल पर उपलब्ध यह संरचित सांस्कृतिक डेटा भविष्य की योजना बनाने में बहुत मदद करेगा। इससे सरकार और विभिन्न संस्थान सांस्कृतिक क्लस्टर विकास, हेरिटेज टूरिज्म को बढ़ावा देने और पारंपरिक कौशल के प्रचार जैसे क्षेत्रों में बेहतर निर्णय ले सकेंगे। यह प्रयास ग्रामीण क्षेत्रों में सतत आजीविका और आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। Post navigation Bharat ने Afghanistan को इन्फ्लुएंजा और मेनिनजाइटिस के टीके भेजे SIR survey : तमिलनाडु में कट सकते हैं लाखों मतदाताओं के नाम