नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : सुप्रीम कोर्ट परिसर में कवरेज के दौरान एक गर्भवती महिला पत्रकार ने राहुल गांधी और उनके सुरक्षाकर्मियों पर धक्का देने का आरोप लगाया है। पत्रकार ने आरोप लगाया है कि जब हमने सवाल पूछने के लिए अपना माइक आगे बढ़ाया, तो गुस्से में राहुल गांधी ने उनका हाथ पकड़कर खींच लिया और उनके अंगरक्षकों ने धक्का दे दिया। महिला पत्रकार ने दावा किया कि इस धक्का-मुक्की के कारण वे सुप्रीम कोर्ट की सीढ़ियों से नीचे गिर गईं और उनके चेहरे पर चोट आई है। हालांकि, कांग्रेस ने इस घटना से इनकार करते हुए इसे भाजपा का दुष्प्रचार बताया है। कांग्रेस नेता अलका लांबा ने एक्स पर एक पोस्ट में इन आरोपों को खारिज करते हुए भाजपा पर दुष्प्रचार करने का आरोप लगाया। उन्होंने घटना के समय और पत्रकार के बाद में अस्पताल जाने पर सवाल उठाए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि पराशर के गर्भवती होने की बात कहने के बावजूद एक्स-रे क्यों किया गया ? अलका लांबा ने एक्स पर लिखा, पहला- गर्भावस्था के दौरान विरोध प्रदर्शन जोखिम भरा होता है। दूसरा- वे कहते हैं कि राहुल गांधी ने उन्हें दोपहर 3-4 बजे धक्का दिया और फिर कहा कि वह रात 8:30 बजे अस्पताल गईं। तीसरा- बीजेपी विधायक के दफ्तर में उनकी बहन प्रचार करने पहुंचीं और चौथा- उसने एक्स-रे कराया जो आमतौर पर गर्भावस्था के दौरान नहीं किया जाता है। क्या बोली पत्रकार ? गर्भवती पत्रकार ऋचा पाराशर के अनुसार, ‘राहुल गांधी के समर्थकों द्वारा उनकी बदनाम करने और उनके साथ हुई घटना को कम आंकने की कोशिश से वह बेहद परेशान हैं। यह कांग्रेस या भाजपा के बारे में नहीं है। मैं सिर्फ एक आम नागरिक हूं जो अपना काम कर रही हूं। लोग जो बातें कह रहे हैं, वे बहुत दुर्भाग्यपूर्ण हैं।’ उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस सांसद ने उनके कैमरामैन को धक्का दिया, जो उनके ऊपर गिर गया और उसके बाद चार-पांच अन्य लोग भी गिर पड़े। Post navigation नेपाल में बाढ़ से फिर तबाही, 5 लोग लापता, प्रभावित इलाकों में पहुंचा रेस्क्यू दल