नई दिल्ली, एंटरटेनमेंट डेस्क ; हिंदी सिनेमा की लोकप्रिय गायिका रहीं लता मंगेशकर का निधन 6 फरवरी 2022 को हुआ था। शुक्रवार की उनकी डेथ एनिवर्सरी मनाई जाएगी और इस मौके पर लता दीदी के बारे में खूब चर्चा भी होगी। बतौर पार्श्व गायिका लता मंगेशकर ने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में एक से बढ़कर एक गीत गाए, लेकिन उनका एक गाान ऐसा भी रहा है, जो 49 साल बाद भी सुनने पर नया लगता है।
लता मंगेशकर के इस गीत को हर जेनरेशन का श्रोता सुनना पसंद करता है। ऐसे में आइए जानते हैं कि सुरों की कोकिला कौन से गने का बारे में इस लेख में जिक्र किया जा रहा है।
लता मंगेशकर का बेस्ट सॉन्ग
सिंगर लता मंगेशकर के जिस गीत के बारे में इस लेख में बात की जा रही है, उसे 1977 में आई फिल्म किनारा के लिए उन्होंने गाया था। इस मूवी में अभिनेता जीतेंद्र, हेमा मालिनी और धर्मेंद्र ने अहम किरदार को निभाया। इस मूवी के उस गाने के बोल थे- नाम गुम जाएगा… (Naam Ghum Jaayega)।
इस गीत का अंतरा मेरा आवाज ही पहचान है… काफी अधिक लोकप्रिय हुआ और इसे लता मंगेशकर के व्यक्तिगत जीवन से भी जोड़ा गया। रिलीज के 49 साल बाद भी लता मंगेशकर का ये गीत हर किसी के दिल को छू जाता है। इस सॉन्ग के संगीतकार आर डी बर्मन थे, जबकि इसके लीरिक्स गुलजार साहब की कलम से निकले थे।
सादगी से भरा ये गीत लता मंगेशकर के सबसे शानदार नगमों में से एक माना जाता है। यूट्यूब पर इसे 13 मिलियन से ज्यादा व्यूज मिले हैं और 1 लाख से अधिक लोगों ने इसे लाइक किया है। इससे आप इस गीत की लोकप्रियता अंदाजा आसानी से लगा सकते हैं।
लता मंगेशकर ने गाए इतने गाने
बतौर सिंगर लता मंगेशकर का करियर काफी अद्भुत रहा था। अपने शानदार सिंगिंग करियर में लता ने 20 से अधिक भाषाओं में 30 से अधिक गानों को अपनी आवाज दी थी। हालांकि, इस आंकड़े की आधिकारिक पुष्टि नहीं की जा सकती है, लेकिन ये तय है कि वह हिंदी सिनेमा की सबसे अधिक गाना गाने वालीं फीमेल प्लेबैक सिंगर रहीं।
