नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : ईरान से फैले युद्ध के कारण खाड़ी क्षेत्र में हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हो गया है। दुबई, अबू धाबी और कतर के दोहा जैसे प्रमुख हवाई अड्डों के बंद होने से हजारों यात्री फंस गए हैं। ऐसे में कई लोग क्षेत्र से बाहर निकलने के लिए निजी चार्टर विमानों का सहारा ले रहे हैं और इसके लिए भारी रकम चुका रहे हैं।
यूरोप जाने के लिए लाखों डालर तक खर्चचार्टर उड़ानों की मांग अचानक बढ़ गई है। हालात ऐसे हैं कि कुछ यात्री यूरोप पहुंचने के लिए दो लाख यूरो यानी करीब दो लाख 32 हजार डालर तक चुका रहे हैं। युद्ध शुरू होने के बाद दुबई, अबू धाबी और दोहा के बड़े हवाई अड्डे बंद कर दिए गए, जिससे बड़ी संख्या में यात्री वहीं फंस गए।सड़क से मस्कट और रियाद पहुंच रहे लोगअब कई यात्री सड़क मार्ग से सुरक्षित हवाई अड्डों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।
खाड़ी क्षेत्र में युद्ध से हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित
दुबई से ओमान के मस्कट तक करीब चार घंटे और सऊदी अरब की राजधानी रियाद तक दस घंटे से ज्यादा का सफर तय कर लोग वहां से उड़ान पकड़ रहे हैं। चार्टर विमानों की भारी कमीफ्रांस स्थित निजी जेट ब्रोकरेज कंपनी जेट-वीआइपी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अल्ताय कुला के अनुसार मांग इतनी अधिक है कि उपलब्ध विमानों से उसकी पूर्ति करना मुश्किल हो गया है।
उन्होंने बताया कि सामान्य परिस्थितियों में रियाद से पुर्तगाल के पोर्टो तक 16 यात्रियों वाले निजी जेट का किराया करीब एक लाख यूरो यानी लगभग एक लाख 16 हजार डालर होता है, लेकिन युद्ध के बाद यह लागत लगभग दोगुनी हो गई है। उनके अनुसार यह बढ़ोतरी विमान की कमी और जोखिम के कारण हुई है।
1.5 से दो लाख यूरो तक पहुंचा किरायानिजी जेट सेवा कंपनी विमाना प्राइवेट जेट्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमीरह नरन के मुताबिक खाड़ी क्षेत्र से यूरोप जाने वाली चार्टर उड़ानों की कीमत फिलहाल 1.5 लाख यूरो से दो लाख यूरो (लगभग एक लाख 73 हजार से दो लाख 32 हजार डालर) के बीच है।
कीमतें विमान के प्रकार, प्रस्थान स्थल और उड़ान मार्ग पर निर्भर करती हैं।सुरक्षित एयरपोर्ट पहुंचने में भी हजारों डालर खर्चसुरक्षित हवाई अड्डों तक पहुंचने के लिए कुछ यात्री निजी सुरक्षा कंपनियों की मदद ले रहे हैं।
यूरोप जाने के लिए लाखों डॉलर तक का खर्च
ये कंपनियां कारों और कोच बसों से लोगों को ओमान या सऊदी अरब की सीमा तक पहुंचा रही हैं। भारी ट्रैफिक के कारण ओमान सीमा पर चार घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है और इस यात्रा पर भी हजारों डालर खर्च हो रहे हैं। यह जानकारी ब्रिटेन की जोखिम प्रबंधन कंपनी अल्मा रिस्क के संचालन एवं योजना निदेशक इयान मैककाल ने दी। उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी हाल के दिनों में दो सौ से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की व्यवस्था कर चुकी है।
मस्कट एयरपोर्ट पर उड़ानों का भारी दबावदुबई स्थित एयर चार्टर सर्विस के मध्य पूर्व मुख्यालय के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एली हन्ना के अनुसार अभी क्षेत्र से निकलने वाली ज्यादातर उड़ानें ओमान से संचालित हो रही हैं।
उन्होंने कहा कि कई चार्टर विमान बंद पड़े हवाई अड्डों पर फंसे हुए हैं, इसलिए उपलब्ध विमानों की संख्या कम है और कीमतें बढ़ गई हैं। हन्ना के मुताबिक कुछ लोग आमतौर पर निजी विमान का उपयोग करते हैं, जबकि कई यात्री परिवार या समूह बनाकर खर्च साझा कर रहे हैं। सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं देने वाली कंपनी इंटरनेशनल एसओएस के विशेषज्ञों का मानना है कि संघर्ष के कारण परिवहन और ऊर्जा ढांचे पर असर कई सप्ताह तक बना रह सकता है।
अमेरिका ने नागरिकों को निकालने के लिए शुरू की चार्टर उड़ानें
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने अपने नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए चार्टर उड़ानों का संचालन शुरू कर दिया है। विदेश विभाग ने कहा कि यह उड़ान अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। विभाग के अनुसार क्षेत्र के कई देशों से लोगों को निकालने के लिए आने वाले दिनों में और उड़ानें भी संचालित की जाएंगी।
यह निकासी अभियान मुख्य रूप से संयुक्त अरब अमीरात, कतर, सऊदी अरब और इजराइल में मौजूद अमेरिकी नागरिकों के लिए शुरू किया गया है। सहायता पाने के इच्छुक नागरिकों से विदेश विभाग की संकट पंजीकरण प्रणाली के माध्यम से अपना नाम दर्ज कराने को कहा गया है।
विभाग के अनुसार 28 फरवरी से अब तक पश्चिम एशिया से 17,500 से अधिक अमेरिकी नागरिक सुरक्षित अमेरिका लौट चुके हैं, जिनमें से 8,500 से अधिक लोग केवल एक दिन में वापस पहुंचे। उन्होंने बताया कि कई अमेरिकी नागरिक पहले ही पश्चिम एशिया से निकलकर यूरोप और एशिया के अन्य देशों में पहुंच चुके हैं और वहां से अमेरिका लौटने की प्रक्रिया में हैं।
