मेरठ, संवाददाता : इंतजार की घड़ी खत्म होने वाली है। बहुप्रतीक्षित नमो भारत ट्रेन और मेरठ मेट्रो को हरी झंडी मिलने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 22 फरवरी को दोनों ट्रेनों को हरी झंडी दिखाएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे।
इसके साथ ही प्रधानमंत्री रैली को भी संबोधित करेंगे, जिसके लिए मोहिउद्दीनपुर में उस स्थल का चयन किया गया है जहां पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को समर्पित न्यू टाउनशिप विकसित की जानी है।
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को लेकर एनसीआरटीसी के प्रबंध निदेशक शलभ गोयल, डीएम विजय कुमार सिंह, एसएसपी अविनाश पांडेय, नगर आयुक्त सौरभ गंगवार, मेरठ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष संजय मीना ने बुधवार को मेरठ साउथ स्टेशन से लेकर शताब्दी नगर स्टेशन व प्रस्तावित जनसभा स्थल की व्यवस्था परखी।
वर्तमान में मेरठ के मेरठ साउथ (भूड़बराल) से दिल्ली के न्यू अशोक नगर स्टेशन तक नमो भारत की सेवा जारी है
वर्तमान में मेरठ के मेरठ साउथ (भूड़बराल) से दिल्ली के न्यू अशोक नगर स्टेशन तक नमो भारत की सेवा जारी है। वर्तमान में इस हिस्से पर औसतन 60 हजार लोग प्रतिदिन यात्रा करते हैं, जिसका शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अलग-अलग समय पर दो चरणों में कर चुके हैं।
अब दिल्ली के सराय काले खां और मेरठ के बाकी तीनाें स्टेशनों (शताब्दीनगर, बेगमपुल व मोदीपुरम) पर यानी पूरे कारिडोर पर नमो भारत की सेवा शुरू होनी है। वहीं इसी पटरी पर मेरठ में मेरठ साउथ स्टेशन से मोदीपुरम डिपो स्टेशन तक मेट्रो भी दौड़ेगी। इसका भी शुभारंभ इसी के साथ होगा।
मेट्रो सभी 13 स्टेशनों पर रुकेगी। कुल 82 किमी लंबे कारिडोर में 23 किमी कारिडोर हिस्से पर मेरठ में मेट्रो भी दौड़ेगी। नमो भारत की अधिकतम संचालन गति 160 किमी प्रति घंटा है वहीं मेरठ मेट्रो की अधिकतम गति 120 किमी प्रति घंटा है।
30 हजार करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के निर्माण कार्य का शुभारंभ मार्च 2019 में हुआ था, जिसे जून 2025 में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया था।
यह है काम की स्थिति
नमो भारत व मेट्रो के मोदीपुरम स्टेशन तक संचालन के लिए सुरक्षा संबंधित अनुमति काफी पहले मिल चुकी है। यात्रियों के लिए आवश्यक प्रवेश-निकास द्वार तैयार हैं। तीनों भूमिगत स्टेशनों भी तैयार हैं। मोदीपुरम डिपो स्टेशन व मोदीपुरम डिपो अभी निर्माणाधीन हैं, इसके पूर्ण होने में समय लग जाएगा।
अभी मेट्रो का भी शुभारंभ होगा, इसलिए सात-आठ महीने तक मेट्रो को दुहाई से ही लाया जाएगा। गौरतलब है कि नमो भारत का संचालन दुहाई डिपो से होता है, जबकि मोदीपुरम डिपो मेट्रो के संचालन के लिए बनाया जा रहा है।
