लखनऊ,संवाददाता : मोंथा चक्रवात के असर से राजधानी लखनऊ और आसपास के जिलों में बृहस्पतिवार सुबह से ही रुक-रुककर बारिश हो रही है। वहीं, चल रहीं तेज हवाओं के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। इससे मौसम पूरी तरह बदल गया है।
तापमान गिरने से फिजाओं में ठंड घुल गई है। हालांकि, रुक-रुक कर हो रही बारिश से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें उभर आई हैं। बाराबंकी, गोंडा, अंबेडकरनगर और बहराइच के किसान चिंतित नजर आए। उनका कहना है कि धान की फसल खेत में पड़ी है। लगातार बारिश से फसल से सड़ जाने का खतरा बढ़ गया है।
मंगलवार को बादल एवं बूंदाबांदी से लखनऊ सहित आसपास के जिलों का मौसम काफी बदल गया
इसके पहले, सोमवार और मंगलवार को बादल एवं बूंदाबांदी से लखनऊ सहित आसपास के जिलों का मौसम काफी हद तक बदल गया। बुधवार बादलों की सक्रियता कम हुईं तो धूप खिली। इससे दिन के अधिकतम तापमान में सीधे पांच डिग्री सेल्सियस का उछाल आया और तापमान 25.4 से बढ़कर 30.4 डिग्री जा पहुंचा। हालांकि, रात के न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं हुआ। जो कि 20 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। बुधवार को बारिश न होने लोगों को कामकाज में सहूलियत रही।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक मोंथा तूफान के कारण हुए बदलाव बृहस्पतिवार तक ही सीमित रहेंगे। शुक्रवार से मौसम फिर से सामान्य हो जाएगा।
बाराबंकी जिले के सिरौलीगौसपुर क्षेत्र में देर रात से हो रही बूंदाबांदी के बाद बृहस्पतिवार सुबह तेज बारिश हुई। इससे किसान बहुत चिंतित नजर आए। बहुत से किसानों के कटे हुए धान खेतों में पड़े हैं। कुदरत की मार के आगे किसान परेशान नजर आ रहा है। रामसेवक, लवकुश, घनश्याम, पवन, सुनील और पंकज आदि किसानों ने बताया कि बेमौसम हो रही बारिश से काफी नुकसान होगा। अभी ज्यादातर किसानों के धान खेतों में लगे हैं। अगर ये बारिश बंद न हुई तो खेतों तैयार खड़ी धान की फसल गिर जाएगी।
अचानक हुई बारिश से खेतों में पानी भर गया
किसानों का कहना है कि अक्तूबर के अंतिम सप्ताह तक मौसम साफ रहने की उम्मीद थी ताकि वे धान की कटाई और मड़ाई कर सकें। लेकिन अचानक हुई बारिश से खेतों में पानी भर गया है और कई जगह फसल गिर भी गई है। इससे दाने के सड़ने और अंकुरित होने का खतरा बढ़ गया है। किसान अब आसमान की ओर टकटकी लगाए बारिश रुकने की दुआ कर रहे हैं।
गोंडा जिले के परसपुर, झंझरी, खरगूपुर, वजीरगंज और इटियाथोक क्षेत्र के किसानों ने बताया कि बारिश के कारण कटे हुए धान के पूले खेतों में ही भीग गए हैं। उन्हें सुखाने का मौका नहीं मिला, जिससे दाने की गुणवत्ता पर असर पड़ने की आशंका है।
रात से हो रही बारिश से ठंड बढ़ी, खेतों में रुकी कटाई-बोआई की रफ्तार
अंबेडकरनगर जिले में बुधवार की रात से जारी बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। लगातार हो रही बरसात से जहां ठंडक बढ़ गई है। वहीं किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। खेतों में पानी भर जाने से धान की कटाई और आलू की बोआई का काम ठप हो गया है। फसल गिरने और भीगने के कारण किसानों को भारी नुकसान होने का अनुमान है।
