रिपब्लिक समाचार, डिजिटल डेस्क : असम के मोरन बाईपास पर शनिवार को देश और क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक क्षण आया, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर आपातकालीन लैंडिंग फैसिलिटी (ईएलएफ) का उद्घाटन किया। इस मौके पर स्थानीय लोगों ने इसे क्षेत्र और देश के लिए गौरव का क्षण बताया।
उद्घाटन के बाद स्थानीय लोगों ने खुशी और गर्व जताया। एक निवासी ने कहा, “हमने सपने में भी नहीं सोचा था कि हमारे क्षेत्र में इतना बड़ा काम होगा। आज प्रधानमंत्री ने हमारी उम्मीदों से बढ़कर काम किया।” दूसरे व्यक्ति ने कहा, “देश की सुरक्षा के लिए प्रधानमंत्री ने यह सुविधा हमारे इलाके में बनाई है, हमें गर्व है।” तीसरे निवासी ने जोड़ा, “सड़क पर इस तरह का काम संभव है, यह हमने कभी सोचा नहीं था, लेकिन आज इसे अपनी आंखों से देखकर गर्व महसूस हो रहा है।”
पूर्वोत्तर भारत की पहली आपातकालीन लैंडिंग सुविधा
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, यह सुविधा डिब्रूगढ़ जिला के मोरन क्षेत्र में विकसित की गई है और यह पूरे पूर्वोत्तर भारत की पहली ऐसी ईएलएफ है। उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री ने भारतीय वायु सेना का एयर शो भी देखा, जिसमें राफेल, सुखोई और मिग लड़ाकू विमानों ने हाईवे स्ट्रिप पर सफल टेक-ऑफ और लैंडिंग कर अपनी परिचालन क्षमता का प्रदर्शन किया।
राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक महत्व
अधिकारियों के अनुसार, मोरन ईएलएफ को इस तरह डिजाइन किया गया है कि आपात स्थिति या हवाई अड्डों के अनुपलब्ध होने पर यह वैकल्पिक लैंडिंग स्थल के रूप में काम कर सके। इससे सेंसिटिव सीमावर्ती क्षेत्रों के पास त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता बढ़ेगी और राष्ट्रीय सुरक्षा तैयारियों को मजबूती मिलेगी। इस ऐतिहासिक अवसर को देखने के लिए करीब एक लाख लोग मौके पर मौजूद रहे। यह सुविधा पूर्वोत्तर में भारत की सैन्य संरचना और रणनीतिक मजबूती के लिए अहम कदम मानी जा रही है।
