भोपाल, ब्यूरो : मध्य प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को तो प्रोत्साहित किया जा ही रहा है, राज्य सरकार अपने सरकारी वाहनों के बेड़े में भी केवल इलेक्ट्रिक वाहन ही रखेगी। पिछले वर्ष सरकार ने नई ईवी पॉलिसी लागू कर दी है, इसके साथ ही आगामी पांच साल में 80 प्रतिशत सरकारी वाहनों को इलेक्ट्रिक करने का लक्ष्य रखा गया है। यानी अब जो भी नया वाहन क्रय किया जाएगा वह इलेक्ट्रिक होगा। निजी एजेंसियों के माध्यम से निर्धारित दर पर सरकारी दफ्तरों में लगाए जाने वाले वाहन भी इलेक्ट्रिक ही लिए जाएंगे। इसको लेकर राज्य सरकार ने तैयारी शुरू कर दी है।
पेट्रोल पंपों पर लगेंगे चार्जिंग पॉइंट और जारी होंगी ग्रीन नंबर प्लेट
इसके अलावा सभी पेट्रोल पंपों पर भी कम से कम एक इलेक्ट्रिक चार्जिंग पॉइंट लगाया जाएगा। राज्य सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीदी पर प्रोत्साहन राशि भी देगी। मध्य प्रदेश में पंजीकृत सभी ईवी को ग्रीन नंबर प्लेट जारी की जा रही है। व्यक्तिगत उपयोग वाले ईवी को सफेद अक्षरों वाली एवं व्यावसायिक उपयोग वाले ईवी को पीले अक्षरों वाली ग्रीन नंबर प्लेट जारी की जाती है।
वाहन स्वामियों के लिए विशेष प्रोत्साहन योजना
इसके अलावा इलेक्ट्रिक वाहन नीति के तहत प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकरण पर 100 प्रतिशत छूट का भी प्रविधान है। दो पहिया, तीन पहिया और कार के लिए एक वर्ष तक रोड टैक्स फ्री रहेगा। दो पहिया वाहनों पर पांच हजार, तीन पहिया पर 10 हजार और ई कार पर 25 हजार रुपये की छूट वाहन कर और पंजीयन शुल्क में एक वर्ष के लिए छूट का प्रविधान है। बस, स्कूल बस को रोड टैक्स, पंजीयन और परमिट में दो साल तक छूट और ट्रक, ट्रैक्टर एम्बुलेंस को केवल वाहन कर और पंजीयन में छूट का प्रविधान है।
