सुकमा, संवाददाता : (Sukma Naxal Encounter)। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के केरलापाल थानाक्षेत्र के गोगुंडा की पहाड़ी पर नक्सली कमांडर जगदीश के मिलने की सूचना पर डीआरजी और सीआरपीएफ के जवान रवाना हो गए थे। सुबह मुठभेड़ हुई जिसमें 16 नक्सली मारे गए और दो जवान घायल हुए हैं।
जानकार सूत्रों के अनुसार केरलापल थानाक्षेत्र के गोगुंडा इलाके में कमांडर जगदीश के होने की सूचना मिली। इसके बाद रात 12 बजे डीआरजी और सीआरपीएफ के जवानों को ऑपरेशन के लिए रवाना किया गया।
ऑटोमैटिक हथियार बरामद
पहाड़ी इलाके में सुबह 6 बजकर 50 मिनट में गोलीबारी शुरू हुई। इसके बाद निलावाया, उप्लल्ली में मुठभेड़ हुई। इसमें 16 नक्सली मारे गए वही 4 जवान घायल हुए हैं। घायल जवानों को हेलीकॉप्टर के द्वारा उपचार के लिए रायपुर भेजा गया है।
इस पूरी मुठभेड़ को एसपी किरण चव्हाण ने वॉर रूम से मॉनीटरिंग की। जवान सर्चिंग करने के बाद कैंप लौटेंगे। मुठभेड़ में ऑटोमैटिक हथियार बरामद हुए हैं। प्रदेश में तीन महीने के भीतर 138 नक्सलियों को मार गिराया गया है।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने लिखा- नक्सलियों पर एक और प्रहार
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह सुरक्षाबलों के ऑपरेशन पर दी बधाई। उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट किया- नक्सलियों पर एक और प्रहार। सुकमा में हमारे सुरक्षाबलों ने 16 नक्सलियों को मार गिराया और इनके पास से बड़ी मात्रा में ऑटोमैटिक हथियार बरामद किए हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हम 31 मार्च 2026 से पहले नक्सलवाद को खत्म कर देंगे। जो हाथों में हथियार लिए हैं, उन सभी से मेरी अपील है कि हिंसा से बदलाव नहीं आएगा। केवल शांति और विकास से ही हम ऐसा कर सकते हैं।
प्रेशर आईईडी की चपेट में आकर महिला घायल
बीजापुर के भैरमगढ़ थाना क्षेत्र के बोड़गा में शनिवार की सुबह नक्सलियों के बिछाए इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) की चपेट में आने से महुआ बीनने जंगल गई आदिवासी महिला सरस्वती ओयाम (35) गंभीर रूप से घायल हो गई। वह महुआ बीनने के बाद इंद्रावती नदी के ताड़ोपोट घाट पर बर्तन धोकर घर लौट रही थी।
इसी दौरान एक पेड़ के नीचे जवानों को नुकसान पहुंचाने नक्सलियों के बिछाए प्रेशर आईईडी की चपेट में आकर वह घायल हो गई। उसके दोनों पैर में चोट आई है, पर बांया पैर घुटने से नीचे पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है।
घायल महिला को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भैरमगढ़ लाया गया था। प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर मेडिकल कॉलेज जगदलपुर रेफर किया गया है। एसपी जितेंद्र यादव ने इसे नक्सलियों की कायरना करतूत बताया है। इससे पहले वर्ष 2023-24 में भी नक्सलियों के बिछाए आइईडी की चपेट में आने से बोड़गा गांव के दो मासूम बच्चों की मौत हो गई थी।