उधमपुर, संवाददाता : जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच हुई मुठभेड़ में दो पाकिस्तानी आतंकी मारे गए। इनमे से एक आतंकी, रुबानी उर्फ अबू माविया जैश-ए-मोहम्मद का शीर्ष कमांडर था और क्षेत्र में कई वर्षों से सक्रिय था।
सुरक्षाबलों ने इलाके को पूरी तरह घेर लिया और आतंकियों से संपर्क साधा। करीब 20 मिनट तक चली फायरिंग में दो आतंकियों को सफलतापूर्वक बेअसर कर दिया गया। मुठभेड़ के दौरान आतंकियों ने भागने का प्रयास किया।
सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, रामनगर, बसंतगढ़ और बिलावर के जंगलों में अभी भी आतंकियों की मौजूदगी की आशंका है, और इलाके पर निगरानी जारी है। ऑपरेशन में सुरक्षा बलों की सटीक रणनीति, उच्च स्तर का पेशेवर समन्वय और क्षेत्रीय नियंत्रण की सराहना की जा रही है। ऑपरेशन के सफल समापन के बाद इलाके में सुरक्षा बलों की सतत निगरानी जारी है, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।
किश्तवाड़ में 31 जनवरी को हुई थी मुठभेड़
‘इससे पहले 31 जनवरी को सेना की व्हाइट नाइट कोर, पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों की किश्तवाड़ के जंगल में मुठभेड़ हुई थी। इसमें तीन जवान घायल हुए थे। एक आतंकी घायल हुआ था। बता दें कि बसंतगढ़ के जंगल किश्तवाड़ जिले तक फैले हुए हैं।’इससे पहले 31 जनवरी को सेना की व्हाइट नाइट कोर, पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों की किश्तवाड़ के जंगल में मुठभेड़ हुई थी। इसमें तीन जवान घायल हुए थे। एक आतंकी घायल हुआ था। बता दें कि बसंतगढ़ के जंगल किश्तवाड़ जिले तक फैले हुए हैं।
जोफड़ में पिछले साल अप्रैल में भी हुई थी मुठभेड़
आठ अप्रैल 2025 को जोफड़ क्षेत्र में आतंकी मुठभेड़ हुई थी। उस समय भी तीन आतंकियों को घेरे जाने की सूचना थी। इसके बाद 26 नवंबर को तीन संदिग्ध चिगला बलोता गांव में एक स्थानीय व्यक्ति से खाना लेकर पास के जंगल की ओर भाग गए थे। यह इलाका भी जोफड़ से सटा है। पहाड़ी और घना जंगल होने के कारण रात के अंधेरे में आतंकी भाग निकले थे।
