भोपाल, डिजिटल डेस्क : नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 से सांदीपनि विद्यालयों की तर्ज पर प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की गणवेश एक ही रंग और डिजाइन की होगी। इस बार स्कूल शिक्षा विभाग सभी स्कूलों के विद्यार्थियों को राशि के बदले गणवेश तैयार कराकर देगा।
स्कूल शिक्षा विभाग के उपसचिव पीके सिंह ने बताया कि अभी केवल सांदीपनि विद्यालयों में ही अलग रंग की चेक डिजाइन गणवेश दी जाती थी, जबकि अन्य सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग व्यवस्था थी।
66 लाख विद्यार्थियों को एक समान रंग और डिजाइन की गणवेश उपलब्ध कराई जाएगी
अब पहली से आठवीं कक्षा तक के करीब 66 लाख विद्यार्थियों को एक समान रंग और डिजाइन की गणवेश उपलब्ध कराई जाएगी। अब तक सरकार पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों को गणवेश सिलवाने के लिए प्रति विद्यार्थी 600 रुपये की नकद सहायता राशि देती थी।
यह राशि दो गणवेश के लिए दी जाती थी, जिस पर हर साल करीब 350 करोड़ रुपये का खर्च आता था। नई व्यवस्था के तहत नकद राशि बंद कर दी जाएगी और विभाग के स्तर से गणवेश की खरीदी कर उसे विद्यार्थियों में वितरित किया जाएगा।
स्व सहायता समूहों के माध्यम से तैयार किया जाएगा- स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए गणवेश की केंद्रीकृत खरीदी की जाएगी। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया अपनाई जाएगी और गणवेश तैयार करने का काम स्व-सहायता समूहों को सौंपा जाएगा। इससे एक ओर जहां विद्यार्थियों को समय पर एक जैसे कलर और डिजाइन का गणवेश मिलेगा। वहीं दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर स्व-सहायता समूहों को रोजगार भी प्राप्त होगा।
साल 2020 से बिगड़ी व्यवस्था
राज्य शिक्षा केंद्र ने 2020 में गणवेश सिलाई का काम स्व-सहायता समूहों को दिया था। नतीजा यह रहा कि सत्र गुजर जाने के बाद भी मार्च 2021 में स्कूलों में यूनिफॉर्म पहुंच सकी। कोरोना के कारण स्कूल बंद होने से शिक्षकों को घर-घर जाकर गणवेश पहुंचाना पड़ी।
बच्चों का सही नाप नहीं होने के कारण साइज भी छोटा पड़ गया। साल 2022 की यूनिफॉर्म 2023 में पहुंचाई गई थी, लेकिन वर्ष 2024 की सत्र समाप्ति तक कई बच्चों को ड्रेस नहीं मिली। इसके बाद नकद राशि देने का काम शुरू हुआ, लेकिन अब फिर टेंडर जारी कर खरीदी की जाएगी।
