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नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क :ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के स्कार्दू में पाकिस्तानी वायु सेना के बेस पर हमला करने की योजना बनाई थी, लेकिन आखिरी समय में इस मिशन को रोकना पड़ा। इस बात की पुष्टि पूर्व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने की है।

जनरल ने पुष्टि की कि भारतीय वायु सेना को स्कार्दू पर हमला करने की मंजूरी मिल गई थी, लेकिन खराब मौसम के कारण यह मिशन रद कर दिया गया। स्कार्दू बेस को पहले पीएएफ बेस कादरी के नाम से जाना जाता था। ये पाकिस्तान एयर फोर्स का एक फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस है जो पीओके के गिलगित-बाल्टिस्तान में स्कार्दू के पास स्थित है।

‘दो और टारगेट तय कीजिए’

जनरल चौहान ने कहा, “चीफ ने मुझसे पूछा था कि क्या उन्हें सरगोधा पर हमला करना चाहिए। मैंने कहा कि आगे बढ़िए और साथ ही कहा कि कृपया दो और टारगेट तय कीजिए। उन्होंने जो टारगेट तय किए थे, उनमें से एक स्कार्दू था। हमने मंजूरी दे दी, लेकिन कुछ समय बाद स्कार्दू में मौसम खराब हो गया और उन्हें अपना रुख बदलकर भोलारी की ओर जाना पड़ा।” जनरल चौहान नई दिल्ली के विवेकानंद सेंटर में बोल रहे थे।

भोलारी हैंगर पर हवाई हमला बन गया चर्चा का केंद्र

10 मई के हवाई हमले में भोलारी हैंगर पर भारतीय वायुसेना का हमला शायद सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाली तस्वीर बन गया। यह हमला वायुसेना के गांधीनगर स्थित साउथ वेस्टर्न एयर कमांड ने किया था। सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला कि इमारत की छत में एक बड़ा और टेढ़ा-मेढ़ा छेद हो गया था, जिसके नीचे एक अंधेरी और धंसी हुई जगह दिखाई दे रही थी।

हैंगर को रनवे से जोड़ने वाले एप्रन पर मलबा बिखरा हुआ था, जिससे पता चलता है कि धमाके से मलबा बाहर की ओर उछला था। नुकसान सिर्फ उसी एक इमारत तक सीमित लग रहा था और ये एक सटीक हमले की ओर इशारा करता है।