नई दिल्ली ,डिजिटल डेस्क : पाकिस्तानी सेना एक बार फिर दुनिया के सामने हास्यास्पद स्थिति में खड़ी दिखाई दी। भारतीय सैन्य अधिकारियों की अंग्रेजी पर सवाल उठाने वाले पाकिस्तान सेना के मीडिया विंग आईएसपीआर के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी को इस बार अपने ही देश के लोगों ने इंटरनेट मीडिया पर जमकर धो डाला।
दरअसल, ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने संवाददाता सम्मेलन कर पाकिस्तान के खिलाफ की गई कार्रवाई और उसके रणनीतिक असर की जानकारी दी थी।
पाकिस्तानियों ने ही उड़ाई खिल्ली
इसी सम्मेलन का हवाला देते हुए चौधरी ने तंज कसते हुए पूछा कि भारतीय अधिकारी अंग्रेजी में क्यों बोल रहे हैं। चौधरी ने कहा कि भारतीय अधिकारी अंग्रेजी में अपनी बात इसलिए रख रहे हैं ताकि दुनिया के ज्यादा से ज्यादा लोगों को भ्रमित किया जा सके। लेकिन उनका यह बयान उल्टा उन्हीं पर भारी पड़ गया।
पाकिस्तानियों ने ही इंटरनेट मीडिया पर उनकी जमकर खिल्ली उड़ानी शुरू कर दी।आइएसपीआर पर झूठ व दुष्प्रचार फैलाने का आरोपपूर्व पाकिस्तानी सैन्य अधिकारी और पत्रकार आदिल फारूक राजा ने आइएसपीआर प्रमुख की जमकर क्लास लगाई।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सेना में ऊपर से नीचे तक पूरा कामकाज अंग्रेजी में होता है। आदेश अंग्रेजी में जारी होते हैं, फाइलें अंग्रेजी में चलती हैं और बैठकों में भी अंग्रेजी का इस्तेमाल होता है। राजा ने कटाक्ष करते हुए कहा कि पाकिस्तानी सेना उर्दू का इस्तेमाल सिर्फ अपनी जनता को गुमराह करने और प्रचार फैलाने के लिए करती है।
उन्होंने आईएसपीआर पर झूठ और दुष्प्रचार फैलाने का भी आरोप लगाया। इंटरनेट मीडिया पर पाकिस्तानियों ने भी अपनी ही सेना को आड़े हाथों लिया। एक उपयोगकर्ता ने लिखा कि पाकिस्तानी सेना झूठ और धोखे की फैक्ट्री बन चुकी है।
पकड़ा गया ISPR का झूठ
वहीं दूसरे ने तंज कसते हुए कहा कि डीजी आईएसपीआर के झूठों ने जनता के सामने उनकी पूरी सच्चाई उजागर कर दी है। कई पाकिस्तानियों ने सवाल उठाया कि भारतीय अधिकारियों की भाषा पर बहस करने के बजाय पाकिस्तानी सेना यह क्यों नहीं बताती कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने उसके 11 एयरबेसों को कितना भारी नुकसान पहुंचाया था।
लोगों ने पूछा कि आखिर पाक सेना अपनी जनता से सच्चाई क्यों छिपा रही है। भारतीय सेना की कार्रवाई से बौखलाए पाकिस्तान की हालत ऐसी हो गई है कि अब वह असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए भाषा पर राजनीति कर रहा है। लेकिन इंटरनेट मीडिया पर पाकिस्तानियों की प्रतिक्रियाओं ने साफ कर दिया कि अब वहां की जनता भी सेना के दुष्प्रचार और झूठ से परेशान हो चुकी है।
