पहाड़ों पर बारिश का कहर , राजस्थान के भी हालात बिगड़े

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नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : लगातार हो रही बारिश के कारण पर्वतीय राज्यों के साथ-साथ राजस्थान में भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। उत्तराखंड, जम्मू और हिमाचल प्रदेश में लगातार वर्षा से भूस्खलन की घटनाएं बढ़ रही हैं।

हिमाचल के डलहौजी में बादल फटने से बाढ़ आ गई है, जिससे नदियों में पानी का प्रवाह बढ़ गया है। मौसम विभाग ने उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में अगले दो दिनों में भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है और लोगों को नदी-नालों से दूर रहने की सलाह दी है।

डलहौजी में फटा बादल

डलहौजी में बादल फटने से गुनियाला गांव में बाढ़ आई, जिसमें एक पुल और पांच वाहन बह गए। इसके अलावा, डलहौजी में चलती बस और दो कारों पर पेड़ गिरने से सवार लोग बच गए। चंबा के हरदासपुर गांव में घरों में पानी भर गया है। मनाली-कीरतपुर फोरलेन लगभग 10 घंटे बाद खुला।

भुंतर से मणिकर्ण जा रही एक निजी बस पर पहाड़ी से पत्थर गिरने से एक यात्री गंभीर रूप से घायल हो गया। हाड़ी से पत्थर गिरने के कारण श्री मणिमहेश यात्रा रोक दी गई है। बिलासपुर में भी फोरलेन पर एक ट्रक पर भारी चट्टान गिरने से ट्रक का पिछला हिस्सा चकनाचूर हो गया, जिससे यातायात बाधित हो गया। मौसम विभाग ने 25 अगस्त को कांगड़ा, मंडी, ऊना, हमीरपुर और बिलासपुर में भारी वर्षा की संभावना जताई है।

चंबा और कुल्लू में सड़कें बंद

चंबा और कुल्लू में 482 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं। इस बीच, ऊना, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और हमीरपुर जिलों में सभी शिक्षण संस्थान सोमवार को बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। जम्मू-कश्मीर में भारी वर्षा से बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। जम्मू शहर में 190.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो 99 वर्षों में सबसे अधिक है। जलभराव और भूस्खलन से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। जम्मू-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक पुल क्षतिग्रस्त हो गया है।

कटड़ा में माता वैष्णो देवी बैटरी कार मार्ग करीब दस घंटे बंद रहा। कुपवाड़ा में एक इमारत गिरने से 30 लोग घायल हो गए हैं। मौसम विभाग ने 27 अगस्त तक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बादल फटने और भूस्खलन की चेतावनी जारी की है। आइआइएम जम्मू के हास्टल में जलभराव होने के कारण 50 छात्र फंस गए।एसडीआरएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर विद्यार्थियों को सुरक्षित जगह पहुंचाया।

उत्तराखंड में भारी वर्षा का आरेंज अलर्ट

उत्तराखंड में भी बारिश का कहर जारी है। बदरीनाथ राजमार्ग पर भूस्खलन से आवाजाही बाधित हो गई है। गंगोत्री और यमुनोत्री हाईवे भी बंद हैं। मौसम विभाग ने कई जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी देते हुए आरेंज अलर्ट जारी किया है।

राजस्थान में राहत कार्य के लिए वायुसेना भी उतरी

राजस्थान में लगातार बारिश ने स्थिति को गंभीर बना दिया है। कोटा, सवाई माधोपुर, टोंक और बूंदी में बाढ़ के हालात बने हुए हैं। नागौर और कोटा में घर गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई है। राहत कार्यों के लिए कोटा में वायु सेना का हेलिकाप्टर एमआइ-17 तैनात किया गया है। अगले 24 घंटे भारी वर्षा की चेतावनी को देखते हुए पांच जिलों सीकर, कोटपुतली-बहरोड़, सिरोही, बूंदी, भीलवाड़ा के स्कूलों में सोमवार और अन्य पांच जिलों जयपुर, दौसा, नागौर, डीडवाना-कुचामन व टोंक में सोमवार व मंगलवार को अवकाश घोषित किया गया है।

चंबल में बाढ़ से मुरैना के 22 गांव बने टापू

राजस्थान में हो रही वर्षा के कारण चंबल का जलस्तर बढ़ने से मध्य प्रदेश के भिंड, मुरैना और श्योपुर में बाढ़ जैसे हालात हैं। मुरैना के 22 गांव टापू बन गए हैं, जबकि 90 गांवों में भी पानी प्रवेश कर गया है। भिंड में रविवार को चंबल खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गई।

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