पकड़ा गया एक और गद्दार, होटल में कप प्लेट धो रहा था पाकिस्तानी जासूस

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गाजियाबाद, संवाददाता : मूल रूप से बिहार के भागलपुर स्थित सोमापुर का रहने वाला समीर दिल्ली में बल्लीमारन चांदनी चौक में रहता था। उसने जांच एजेंसियों को बताया कि कुछ माह पहले कर्नाटक में समुद्र तट पर स्थित शहर कारवार गया था। वहां उसने भारतीय नौसेना के आईएनएस कदंबा नौसैनिक अड्डे का वीडियो बनाकर बोटिम एप के माध्यम से पाकिस्तान भेजा था। 

आतंकी संगठनों के लिए देश के सैन्य ठिकानों की रेकी कर पाकिस्तान को वीडियो भेजने वाले बिहार निवासी समीर उर्फ शूटर को क्राइम ब्रांच ने उसके दो साथियों शामली निवासी समीर पठान व भोवापुर निवासी शिवराज सहित गिरफ्तार किया है। समीर दिल्ली के चांदनी चौक स्थित राजा हिंदुस्तानी होटल में प्लेट धोने का काम करता था। इसी दौरान उसने देश के विभिन्न सैन्य ठिकानों की जानकारी जुटाकर साझा की।

संवेदनशील स्थानों की फोटो-वीडियो बनाई
सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियों को पूछताछ में समीर ने बताया है कि उसने राजस्थान, कर्नाटक और असम समेत कई राज्यों में आर्मी, सीआरपीएफ व नेवी के कार्यालयों, कैंटीन व चिकित्सालयों जैसे संवेदनशील स्थानों की फोटो-वीडियो बनाई थीं। करीब एक वर्ष से वह इस गतिविधि में लिप्त था।

आईएनएस कदंबा नौसैनिक अड्डे का वीडियो बनाकर भेज चुका पाकिस्तान

मूल रूप से बिहार के भागलपुर स्थित सोमापुर का रहने वाला समीर दिल्ली में बल्लीमारन चांदनी चौक में रहता था। उसने जांच एजेंसियों को बताया कि कुछ माह पहले कर्नाटक में समुद्र तट पर स्थित शहर कारवार गया था। वहां उसने भारतीय नौसेना के आईएनएस कदंबा नौसैनिक अड्डे का वीडियो बनाकर बोटिम एप के माध्यम से पाकिस्तान भेजा था। इसके अलावा असम के धुबरी जिले के बमुनिगांव स्थित सेना स्टेशन व सीआरपीएफ से जुड़े ठिकानों की वीडियो और फोटो भेजने की बात भी सामने आई है।

राजस्थान और जोधपुर के सैन्य ठिकाने भी निशाने पर
सूत्रों के अनुसार, असम के एक बंदरगाह की तस्वीरें भी साझा की गई थीं। राजस्थान और जोधपुर के सैन्य ठिकाने भी उसके निशाने पर रहे। इनकी तस्वीरें व वीडियो उसके मोबाइल फोन में मिले हैं। मेरठ निवासी और मूल रूप से बिजनौर के रहने वाले सुहेल मलिक को भी समीर ने अपने नेटवर्क में शामिल किया था। वह युवाओं को जोड़ने और उनसे फोटो-वीडियो जुटाने में मदद करता था।

दिनेश के खाते में आती थी फंडिंग
जांच में यह भी सामने आया है कि समीर तक विदेशी फंडिंग पांच अलग-अलग स्तरों से पहुंचती थी। दिल्ली के एक जनसेवा केंद्र के माध्यम से यह रकम उसे मिलती थी। यहां दिनेश नाम के व्यक्ति के खाते में पैसा भेजा जाता था, जिसे जांच एजेंसियां ‘म्यूल अकाउंट’ मान रही हैं। इस पूरे नेटवर्क की पड़ताल जारी है।

शामली के समीर पठान से भी थे मीरा के प्रेम संबंध

जांच एजेंसियों के अनुसार, शामली के बुटराड़ा गांव के रहने वाले समीर और आतंकी गतिविधियों में पहले गिरफ्तार की जा चुकी मीरा के बीच प्रेम संबंध थे। दोनों के मोबाइल फोन में इससे संबंधित कुछ चैट भी बरामद हुई हैं। हालांकि, आतंकी गतिविधियों से जुड़ी चैट को उन्होंने पहले ही डिलीट कर दिया था। इन्हें रिकवर करने के लिए मोबाइल फोन फॉरेंसिक लैब भेजे जाएंगे। सूत्रों के मुताबिक, मीरा का संपर्क पाकिस्तानी गैंगस्टर सरफराज उर्फ सरदार उर्फ जोरा सिंह से भी था। दिल्ली के समीर, शामली के समीर पठान और मीरा ने मिलकर पानीपत रेलवे स्टेशन पर स्टैंडअप सीसीटीवी कैमरा लगाने की भी बात स्वीकार की है।

अन्य सहयोगियों की भूमिका
मामले में भोवापुर (गाजियाबाद) निवासी शिवराज और प्रवीन की संलिप्तता भी सामने आई है। ये दोनों भी रेकी में शामिल थे। इसके बदले शिवराज को खर्च के अलावा डेढ़ हजार रुपये दिए गए थे। वहीं, समीर पठान के परिवार के सदस्य मजदूरी करते हैं। वह खुद भी मजदूरी के साथ जेसीबी चलाना सीख रहा था। जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क, फंडिंग के स्रोत और अन्य संभावित सहयोगियों की गहनता से जांच कर रही हैं।

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