नई दिल्ली, स्पोर्ट्स डेस्क : टी-20 विश्व कप में भारत के विरुद्ध मैच का बहिष्कार करने की घोषणा के बाद जिस तरह रविवार को पाकिस्तान ने यूटर्न लिया है, उससे क्रिकेट जगत में उसकी छवि को करारा झटका लगा है। वहीं आईसीसी के मौजूदा चेयरमैन व बीसीसीआई के पूर्व सचिव जय शाह ने जिस तरह इस मामले को संभाला और पाकिस्तान को झुकने पर मजबूर किया उसकी काफी प्रशंसा हो रही है।
बांग्लादेश टीम को टी-20 विश्व कप से बाहर करने के बाद उसके समर्थन में पाकिस्तान ने भारत से मैच का बहिष्कार करने की घोषणा की थी। पीसीबी ने इसको लेकर आईसीसी के आधिकारिक रूप से कोई जानकारी नहीं दी थी, जिससे इस हाईवोल्टेज मुकाबले को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई थी। इसके बाद आईसीसी ने अपने उपाध्यक्ष इमरान ख्वाजा को बातचीत के लाहौर भेजा, जहां बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) के अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम व अन्य बोर्डों के सदस्य भी मौजूद थे।
पाकिस्तान ने रखी थी कई मांगे
ख्वाजा ने पीसीबी चेयरमैन मोहसिन नकवी व अन्य बोर्ड के साथ बैठक की, जिसमें पीसीबी ने आईसीसी के सामने कई मांगे रखी थीं लेकिन आईसीसी उसके दबाव में नहीं आया और केवल कुछ ही मागों पर सहमति बनी। इनमें बांग्लादेश पर किसी तरह की दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने और उसे 2028-31 चक्र में आईसीसी अंडर-19 विश्व कप की मेजबानी देने पर सहमति बनी।
इसके बाद बीसीबी ने पीसीबी से बहिष्कार वापस लेने की अपील की और रात में यह तय हो गया कि पाकिस्तान भारत के साथ विश्व कप में खेलेगा लेकिन इस यूटर्न ने वैश्विक स्तर पर उसकी छवि को नुकसान पहुंचाया है। जानकारों के अनुसार, पाकिस्तान ने बेवजह ये विवाद पैदा किया और फिर यूटर्न लेकर अपनी और सरकार की फजीहत कराई। पीसीबी पहले भी कई बार अपने बयान से पलट चुका है। वहीं, विवाद सुलझने के बाद बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने मंगलवार को जय शाह की प्रशंसा करते हुए कहा कि आईसीसी ने बहुत अच्छा समाधान निकाला।
राजीव शुक्ला ने की जय शाह की तारीफ
उन्होंने कहा कि मैं बीसीसीआई की तरफ से आईसीसी चेयरमैन जय शाह और उसके पदाधिकारियों का बहुत अच्छा समाधान निकालने के लिए आभार व्यक्त करना चाहता हूं। यह फैसला क्रिकेट के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। क्रिकेट जारी रहना चाहिए और अब विश्व कप को बड़ी सफलता मिलेगी। जहां तक आईसीसी का सवाल है तो यह एक बड़ी उपलब्धि है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने भी आईसीसी की प्रशंसा की है। उसने सभी पक्षों की बात सुनी और सभी के हितों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला किया।
पीसीबी को आईसीसी से मिला आश्वासन
सूत्रों के अनुसार, आईसीसी की ओर से पीसीबी को कुछ रियायतें देने का आश्वासन दिया है, लेकिन इन्हें टूर्नामेंट के समापन के बाद ही सार्वजनिक किया जाएगा। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को यह जानकारी दी गई थी कि अगर सरकार भारत के खिलाफ नहीं खेलने की अधिसूचना जारी करती है तो पाकिस्तान को क्या हासिल हो सकता है। माना जा रहा है कि मोहसिन नकवी आईसीसी से मिलने वाले राजस्व में पीसीबी की हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए दबाव बना रहे हैं, लेकिन ऐसा केवल अगले वित्तीय चक्र के लिए आईसीसी बोर्ड की मंजूरी के बाद ही संभव होगा।
शाह ने क्रिकेट को नए युग में प्रवेश कराया
बीसीसीआई के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष डा. सीके खन्ना ने कहा कि आईसीसी के चेयरमैन जय शाह वैश्विक क्रिकेट प्रशासन के उन विरले नेतृत्वकर्ताओं में शामिल हैं, जिनकी दूरदृष्टि, कार्यकुशलता और आधुनिक सोच ने क्रिकेट को एक नए युग में प्रवेश कराया है। बीसीसीआई सचिव के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान जय शाह ने भारतीय क्रिकेट को मजबूत, संगठित और भविष्य उन्मुख ढांचे में ढालने का कार्य किया।
उन्होंने कहा कि जब मैं बीसीसीआई का उपाध्यक्ष था, उसी दौरान मेरी पहली मुलाकात जय से हुई। बाद में कार्यकारी अध्यक्ष के कार्यकाल के दौरान मुझे उनसे कई बार मिलने और उनके कार्य करने की शैली को नजदीक से देखने का अवसर मिला। आज आईसीसी चेयरमैन के रूप में जय शाह न केवल भारत, बल्कि पूरे विश्व क्रिकेट समुदाय का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। आईसीसी ने भारत-पाकिस्तान मामले में जिस तरह से व्यवहार किया उससे पता चलता है कि वैश्विक संगठन सुरक्षित हाथों में है। निश्चित तौर पर पाकिस्तान के मंत्री और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष मोहसिन नकवी को आईसीसी के रुतबे का पता चल गया होगा।
