बलूचिस्तान,डिजिटल डेस्क : पाकिस्तान के कब्जे वाले गुलाम जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) के राजनीतिक कार्यकर्ता डॉक्टर अमजद अयूब मिर्जा ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तानी सुरक्षा बल क्षेत्र में नागरिकों पर हिंसक कार्रवाई जारी रखे हुए हैं। उनका दावा है कि जून 2026 में प्रदर्शन शुरू होने के बाद से कम से कम 119 लोग मारे गए और 910 से अधिक घायल हुए हैं। पांच नवंबर को जारी बयान में आंदोलन के पांच महीने पूरे होने पर मिर्जा ने कहा कि यह आंदोलन पांच जून को धरनों और मुजफ्फराबाद की ओर लंबा मार्च निकालने की अपील के साथ शुरू हुआ था। हालांकि, पंजाब पुलिस, इस्लामाबाद कांस्टेबुलरी और रेंजर्स समेत सुरक्षा बलों ने मार्च को रोक दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण आंदोलन को दबाने के लिए सिंध पुलिस को गैरकानूनी रूप से पीओजेके में तैनात किया गया। मिर्जा के अनुसार, अकेले पांच नवंबर को तीन लोग मारे गए और 17 घायल हुए मिर्जा के अनुसार, अकेले पांच नवंबर को तीन लोग मारे गए और 17 घायल हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि रावलकोट में एक अदालत के पास नागरिकों पर हमले के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। एक अन्य घटना में एक अज्ञात प्रक्षेप्य जिसके राकेट से चलने वाला ग्रेनेड होने का संदेह है एक घर पर गिरा। उस समय परिवार के लोग खाना खा रहे थे। इस घटना में परिवार के पांच सदस्य, जिनमें तीन बच्चे और दो महिलाएं शामिल थीं, मारे गए। मिर्जा ने कहा कि जबरन हिरासत में लिए जाने और गायब किए जाने के बाद हजारों लोगों का अब तक पता नहीं चल पाया है। उन्होंने 30 जून को गिरफ्तार किए गए शौकत नवाज मीर के ठिकाने को लेकर भी चिंता जताई। उनका आरोप है कि मीर के परिवार और वकीलों को उनसे मिलने नहीं दिया गया और उन्हें कानूनी कार्यवाही तक पहुंच से भी वंचित रखा गया है। कार्यकर्ता ने अर्धसैनिक रेंजर्स पर प्रदर्शन के दौरान मारे गए नागरिकों के शव कब्जे में लेने और परिवारों को उनके ठिकाने की जानकारी दिए बिना उन्हें अज्ञात कब्रों में दफनाने का भी आरोप लगाया कार्यकर्ता ने अर्धसैनिक रेंजर्स पर प्रदर्शन के दौरान मारे गए नागरिकों के शव कब्जे में लेने और परिवारों को उनके ठिकाने की जानकारी दिए बिना उन्हें अज्ञात कब्रों में दफनाने का भी आरोप लगाया। Post navigation पुलिस-अपराधियों के बीच भिड़ंत में तीन की मौत, थानेदार को भी लगी गोली अमेरिका में भी दीवाली की धूम, पांच गवर्नरों और 20 मेयरों ने लिया हिस्सा