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पटना , संवाददाता : पटना जिले के मनेर में बुधवार को पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हो गई। शेरपुर गंगा घाट के पास हुई इस मुठभेड़ में पुलिस की जवाबी कार्रवाई के दौरान तीन अपराधियों की गोली लगने मौत हो गई। वहीं, अपराधियों की गोली लगने से मनेर थानेदार रजनीश कुमार घायल हो गए। मरने वालों में जेपी यादव और उसके दो सहयोगी बबलू तथा राजा शर्मा शामिल थे।

तीनों पैक्स अध्यक्ष हत्याकांड में शामिल थे। इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी जेपी यादव था। इधर, इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। पटना एसएसपी समेत अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम भी मौके पर पहुंची। टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के साथ ही गोलीबारी से जुड़े तथ्यों की जांच शुरू कर दी है।

इधर, जिस अस्पताल में तीनों आरोपियों को मृत घोषित किया गया, वहां पर इनके परिजन पहुंच गए। परिजनों ने जमकर हंगामा किया। पुलिस ने समझाने की कोशिश की लेकिन परिजन नहीं मान रहे हैं। परिजनों का कहना है कि पुलिस ने फर्जी एनकाउंटर किया है। तीन के शव दिखाने की मांग कर रहे हैं। परिजनों का कहना है कि पुलिस अगर चाहती तो इनके पैरों में गोली मारकर घायल कर देती लेकिन जान से क्यों मार दिया? पुलिस ने साजिश रचकर तीनों को मार गिराया है। परिजन न्याय की मांग कर रहे हैं।

पटना एसएसपी ने क्या जानकारी दी, कितनी राउंड फायरिंग की गई ?

पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने कहा कि अपराध नियंत्रण के लिए बिहार एसटीएफ और पटना पुलिस की ओर से लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 6 नवंबर को गुप्त सूचना के आधार पर मनेर थाना क्षेत्र में संयुक्त कार्रवाई की गई। पुलिस को सूचना मिली थी कि आपराधिक इतिहास रखने वाले कुछ अपराधी बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। पुलिस टीम के पहुंचते ही अपराधियों ने फायरिंग शुरू कर दी।

इस दौरान एक गोली मनेर थानाध्यक्ष की वर्दी को छूते हुए निकल गई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में तीन अपराधी घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, अपराधियों ने पुलिस टीम पर 24 से अधिक राउंड फायरिंग की थी। घटनास्थल से तीनों के पास से हथियार बरामद किए गए हैं। एसएसपी के मुताबिक, तीनों का आपराधिक इतिहास रहा है और अष्टमी के दिन मनेर में हुई हत्या की घटना में भी उनकी संलिप्तता सामने आई थी। मामले में आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है और पोस्टमार्टम वीडियोग्राफी के साथ कराया जाएगा।

गुप्त सूचना के बाद पुलिस ने की घेराबंदी
बताया जा रहा है कि पुलिस को सूचना मिली थी कि दानापुर और मनेर में हुए पैक्स अध्यक्ष हत्याकांड में वांछित जेपी यादव अपने साथियों के साथ शेरपुर गंगा घाट के आसपास छिपा हुआ है। इसके बाद पुलिस टीम ने आरोपियों को पकड़ने के लिए इलाके में कार्रवाई शुरू की। इसी दौरान पुलिस का सामना आरोपियों से हो गया। बताया जा रहा है कि पुलिस टीम को देखते ही अपराधियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। अचानक हुई फायरिंग में मनेर थानाध्यक्ष रजनीश कुमार घायल हो गए। इसके बाद पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की, जिसमें तीनों आरोपियों को गोली लगी। बाद में उनकी मौत हो गई।

घटनास्थल से साक्ष्य जुटा रही एफएसएल टीम

मुठभेड़ के बाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। एफएसएल टीम घटनास्थल की जांच कर रही है। इन तीनों आरोपियों के सहयोगियों की भी तलाश पुलिस कर रही है। वहीं घायल थानेदार रजनीश कुमार के इलाज को लेकर भी जानकारी सामने आनी बाकी है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है। मुठभेड़ को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।